राज कपूर भारतीय सिनेमा के वह दिग्गज हैं, जिनका बोलबाला विदेशों में भी रहा। उन्होंने सिनेमा की दुनिया में अतुलनीय योगदान दिया। उनकी इस विरासत को उनके बेटे ऋषि कपूर आगे लेकर गए और अब उनके बेटे रणबीर कपूर इसे आगे बढ़ा रहे हैं। ऋषि कपूर अपने पिता राज कपूर की छत्रछाया में बड़े हुए। बचपन में ऋषि की मां कृष्णा ही उनकी देखभाल करती थीं, क्योंकि उनके पिता हमेशा काम पर रहते थे। जैसे-जैसे वह बड़े होते गए, उन्होंने अपने पिता के साथ फिल्मों में भी काफी काम किया। हालांकि, उनके निजी संबंध हमेशा अच्छे नहीं रहे।
राज कपूर देर रात नशे में आते थे घर
ऋषि कपूर ने अपनी किताब ‘खुल्लम खुल्ला: ऋषि कपूर अनसेंसर्ड’ में उन्होंने बचपन की कुछ यादें साझा कीं, जिसमें उन्होंने उस समय की चर्चा की, जब राज कपूर देर रात नशे की हालत में उनके घर में घुसते थे, जिसकी वजह से वह डर जाते थे। ऋषि ने बताया कि उनके पिता “हमेशा काम पर लगे रहने के कारण कभी घर पर नहीं रहते थे।” उन्होंने याद किया कि वह अपने पिता से केवल देर रात को ही मिलते थे। उन्होंने अपने पिता के वापस आने को भी अप्रिय बताया और कहा कि वो यादें उन्हें लंबे समय तक परेशान करती रहीं। उन्होंने अपनी किताब में लिखा, “एक समय ऐसा भी था, जब मैं छोटा था, तब उनका आना बिल्कुल भी सुखद नहीं होता था। आधी रात के उन पलों ने मुझे लंबे समय तक परेशान किया, हालांकि मैंने अब तक अपनी भावनाओं को किसी के साथ साझा करने से लगातार इनकार किया। मेरे पिता न केवल बहुत देर से घर आते थे, बल्कि बहुत नशे में भी होते थे।
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राज कपूर के डर से छुप जाते थे ऋषि कपूर
ऋषि ने अपने किताब में बताया, “बेहोशी में बहुत जोर से चिल्लाते और चिल्लाते थे” ऋषि कपूर को जैसे ही अपने पिता के घर में प्रवेश करने की आवाज सुनाई देती, वह कंबल के नीचे छिप जाते। उन्होंने साझा किया “जिस क्षण मेरे पिता लड़खड़ाते हुए घर आते, मैं अपनी रजाई के नीचे छिप जाता, कांपता हुआ लेकिन सतर्क, मेरी आंखें खुली रहती, यह सुनने के लिए कि वह क्या कह रहे हैं या क्या कर रहे हैं? जब मैं उनकी आवाज धीमी होते हुए सुनता, तो वह अपने कमरे की ओर बढ़ते, तब मैं शांत होता और आसानी से सांस लेता।”
राज कपूर से इस बात से डरते थे ऋषि कपूर
ऋषि ने याद किया कि वह इस बात का अनुमान लगाकर बेचैन रहते थे कि उनके पिता किस हालत में घर लौटेंगे? और उन्हें यह भी डर लगता था कि कहीं वह उनकी मां से झगड़ा न कर लें। उन्होंने लिखा, “हर दिन मैं सोचता था कि वह रात में किस मूड या स्थिति में आएंगे, इस विचार से डरता था कि वह नशे में होंगे और मेरी मां से झगड़ा करेंगे। बहुत लंबे समय तक मैं अपने पिता से डरा हुआ रहा और मुझे यकीन है कि यह डर उन शुरुआती नशे के दृश्यों से पैदा हुआ था। हालांकि, मैं तब छोटा था, लेकिन मैंने खुद से वादा किया था कि जब मैं बड़ा होऊंगा तो कभी शराब नहीं पीऊंगा और अपने बच्चों को इस तरह नहीं डराऊंगा। इसके कुछ साल बाद ऋषि कपूर ने अपने पिता के साथ फिल्मों में काम करना शुरू किया। वह पहली बार ‘मेरा नाम जोकर’ में सहायक भूमिका में दिखाई दिए। बाद में राज ने ऋषि को बॉबी में लॉन्च किया। उन्होंने ‘प्रेम रोग’ में भी साथ काम किया।
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