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Raftaar vs True Blue: कनाडाई रैपर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप; अश्लील डांस देखकर भड़के रफ्तार

Mon, 23 Jun 2025 01:44 PM IST
आराध्य त्रिपाठी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Raftaar Slams Canadian Rapper: कनाडाई रैपर टॉमी जेनेसिस ने अपने नए म्यूजिक वीडियो ‘ट्रू ब्लू’ में कुछ ऐसा किया है, जिस पर विवाद शुरू हो गया है। अब रैपर रफ्तार ने इसे हिंदू धर्म का अपमान बताते हुए इसका विरोध किया है।
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रफ्तार और टॉमी जेनेसिस - फोटो : इंस्टाग्राम-@raftaarmusic और @tommygenesis
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विस्तार
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इंडियन रैपर रफ्तार ने कनाडाई रैपर टॉमी जेनेसिस पर उनके नए म्यूजिक वीडियो ‘ट्रू ब्लू’ में धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है। इस म्यूजिक वीडियो के कुछ सीन सामने आए हैं, जिनमें रैपर टॉमी के लुक को देखकर लोग भड़क गए हैं और उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा रहे हैं। वीडियो में रैपर काफी सेंसेशनल और अश्लील डांस मूव्स किए हैं। इसी पर रफ्तार ने अब नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है।

फैंस से की वीडियो को रिपोर्ट करने की अपील

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रफ्तार ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे हिंदू धर्म का मजाक बताया। उन्होंने अपने फैंस से इस वीडियो को हर प्लेटफॉर्म पर अधिक से अधिक मात्रा में रिपोर्ट करने की भी अपील की। उन्होंने कहा यह सही नहीं है, इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने वीडियो को फ्लैग करने का कारण बताते हुए कहा, ‘यह मेरे धर्म का मजाक है। ऐसा नहीं होना चाहिए।’

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सोशल मीडिया पर लोग कर रहे आलोचना
इस नए म्यूजिक वीडियो में रैपर टॉमी जेनेसिस का जो लुक है, उस पर विवाद शुरू हुआ है। वीडियो में टॉमी अलग-अलग तरह के कुछ सामान भी लिए हुए हैं। इसके साथ वो सेंसेशनल और उत्तेजक डांस कर रही हैं। यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। लोग इस वीडियो की आलोचना कर रहे हैं और कनाडाई रैपर को ट्रोल करते हुए इसे धार्मिक भावना का अपमान बता रहे हैं। इस वीडियो को भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म का अपमान बताकर निशाने पर लिया जा रहा है।

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कला और क्रिएटिविटी के नाम पर अश्लीलता
सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी इस वीडियो की आलोचना की जा रही है। इसे आर्ट और क्रिएटिविटी के नाम पर धार्मिक भावनाओं को आहत करना कहा जा रहा है। लोगों का मानना है कि इस वीडियो में हिंदू प्रतिमाओं को गलत तरीके से दिखाया गया है, जिससे उन्हें अपमानित किया गया है।

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