भारतीय सिनेमा जगत में पीढ़ी दर पीढ़ी अपनी पहचान बनाकर लंबे समय से अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाले कपूर खानदान से हर कोई वाकिफ है। कपूर फैमिली आज भी बॉलीवुड फिल्मों में सक्रिय है। जब सिनेमा में बोलती फिल्मों का प्रचलन नहीं हुआ था, तब से कपूर खानदान सिनेमा जगत का हिस्सा बना हुआ है। मूक सिनेमा के दौर से लेकर ब्लैक एंड व्हाइट और रंगीन सिनेमा तक, जिन चंद कलाकारों ने अपनी पहचान बनाई है उनमें कपूर परिवार भी शामिल है। कपूर खानदान में अभिनय की शुरुआत पृथ्वीराज कपूर ने की थी। 1906 में जन्मे पृथ्वीराज कपूर की आज 52वीं पुण्यतिथि है। इसी मौके पर जानिए पृथ्वीराज कपूर से जुड़ी दिलचस्प बातें।
परिवार
बॉलीवुड की सबसे बड़ी फैमिली है कपूर्स। कपूर परिवार ने बॉलीवुड में 9 दशकों से भी ज्यादा का समय गुजारा है और अभी भी यह सफर जारी है। 1928 से अब तक ऐसा कोई दौर नहीं रहा जब कपूर फैमिली से कोई फिल्म इंडस्ट्री में न रहा हो। साल दर साल इस परिवार ने सिनेमा जगत को बेहतरीन फिल्में दी हैं। इस परिवार की पहली पीढ़ी के अभिनेता थे पृथ्वीराज कपूर, जो पाकिस्तान के पंजाब से कभी मुंबई फिल्मों के किस्मत आजमाने आए थे।
3 साल की उम्र में मां का हो गया था देहांत
महज 3 साल की उम्र के दौरान पृथ्वीराज कपूर ने अपनी मां को हमेशा के लिए खो दिया था। अभिनेता के लिए वो दौर बेहद मुश्किलों भरा था, लेकिन उसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और फिर कई सालों बाद पृथ्वीराज कपूर ने ही कपूर खानदान को फिल्म में इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई। पृथ्वीराज ने साल 1944 में मुंबई में पृथ्वी थिएटर की स्थापना की थी, जो देश भर में घूम-घूमकर नाटकों का प्रदर्शन करता था।
करियर
8 साल की उम्र में पूथ्वीराज कपूर ने अभिनय की शुरूआत की थी। जब बोलती फिल्मों की शुरूआत नहीं हुई थी, तो पहले अभिनेता पृथ्वीराज कपूर ने साइलेंट फिल्मों का रुख किया और उसमें काम करने के दौरान अभिनेता ने खुद को खूब निखारा। उसके बाग जब पहली बोलती फिल्मों का आगाज हुआ, तब पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' बनी। वहीं, अभिनेता बोलती फिल्मों के पहले खलनायक बनकर उभरे थे। साल 1931 में अभिनेता पृथ्वीराज कपूर महज 24 साल के थे। उस दौरान भारत की पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' में बेहतरीन भूमिका निभाकर अपने अभिनय की लाजवाब मिसाल पेश की थी।
अभिनेता पृथ्वीराज कपूर ने बचपन से लेकर जवानी और बुढ़ापे तक अपनी पूरी जिन्दगी अभिनय की दुनिया में गुजार दी। वहीं, फिल्म 'मुगल ए आजम' में उनका अकबर का किरदार आज भी लोगों के जहन में है, जिसे लोग आज भी बेहद पसंद करते हैं। उनके दुनिया को अलविदा कहने के बाद कपूर खानदान की आगे की पीढ़ी ने उनकी दी हुई विरासत को फिल्म जगत में आगे बढ़ाया, जो आज भी अपना योगदान फिल्मी दुनिया में दे रहे हैं।