प्रेमेंद्र और धर्मेंद्र (फाइल फोटो)
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एक्टिंग कोर्स में दाखिला, माला सिन्हा संग की पहली फिल्म
प्रेमेंद्र जब मायानगरी पहुंचे तो पहले अपने अभिनय को सुधारने का फैसला लिया। उन्होंने पुणे फिल्म इंस्टिट्यूट में दाखिला लिया और साल 1966 में पास्ट आउट हुए। इस फिल्म इस्टिट्यूट में निर्देशक हरसुख भट्ट की नजर प्रेमेंद्र पर पड़ी थी। हरसुख ने जब प्रेमेंद्र को देखा तो कहा कि यह चेहरा को धर्मेंद्र और मनोज कुमार का मेल है। हरसुख ने अपने भाई विजय भट्ट से कहा कि वह प्रेमेंद्र को स्टार बनाएंगे। उन्होंने ही प्रेमेंद्र को फिल्म ‘होली आई रे’ ऑफर की। इसी फिल्म से प्रेमेंद्र का हिंदी सिनेमा में डेब्यू हुआ।
प्रेमेंद्र की डेब्यू फिल्म 'होली आई रे'
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दो साल के करियर में दी पांच हिट फिल्में
डेब्यू फिल्म ‘होली आई रे(1970)’ में प्रेमेंद्र की हीरोइन माला सिन्हा थीं। अपने दो साल के करियर में उन्होंने पांच हिट फिल्में दीं। इसमें ‘दीदार’, ‘साज और सनम’, ‘जोगी’ और ‘दुनिया क्या जाने’ जैसी फिल्में शामिल थीं। यह सभी फिल्म हिट रहीं। ‘साज और सनम’ में प्रेमेंद्र की हीरोइन रेखा थीं और ‘दुनिया क्या जाने’ में उनकी हीरोइन साउथ की पॉपुलर स्टार भारती बनीं।
हिट फिल्मों के बाद अचानक बॉलीवुड छोड़ने का फैसला लिया
प्रेमेंद्र ने कई हिट फिल्में देने के बाद बॉलीवुड छोड़ने का मन बना लिया। दरअसल, अचानक उनके हाथ से 12 फिल्में एक साथ निकल गईं। साथ ही प्रेमेंद्र ने ठान रखा था कि वह साइड रोल नहीं करेंगे, ना ही वह विलेन का किरदार बड़े पर्दे पर करना चाहते थे। ऐसे में उन्होंने अपनी पत्नी मंदाकिनी के साथ वापस फतेहपुर सिकरी जाने का फैसला लिया। अपने होमटाउन लौटने के बाद उन्होंने बॉलीवुड में फिर पलट कर नहीं देखा। फतेहपुर में उन्होंने बिजनेस में हाथ आजमाया। उनके और मंदाकिनी के चार बच्चे हुए। आगे चलकर बच्चों ने उनका काम संभाला। प्रेमेंद्र का निधन साल 2020 में कोविड काल में हुआ। दरअसल, वह लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्या से ग्रस्त थे।