आपको लगता है इस तरह की फिल्में समाज में कोई जागरूकता ला सकती हैं?
हां, पूरी उम्मीद है कि ऐसी फिल्में समाज में सोच को झकझोरने का काम करती हैं। जब कोई ऑडियंस ऐसी सच्ची घटनाओं पर बनी फिल्म देखता है, तो उसके मन में सवाल उठते हैं- ये क्यों हुआ, कैसे हुआ, और क्या ये सही था? यही सवाल कहीं न कहीं सोच और फिर बदलाव की शुरुआत बनते हैं। ये फिल्म एक बड़ा मैसेज देती है कि हमें इंसानियत सिखाने की जरूरत है। सिर्फ धर्म या किताबी ज्ञान नहीं, बच्चों को पहले अच्छा इंसान बनना सिखाना होगा।
जो लोग फिल्म देखे बिना ही उसे जज कर रहे हैं, उन्हें आप क्या कहना चाहेंगी?
हमारे यहां तो अक्सर लोग बिना फिल्म देखे ही राय बना लेते हैं। मैं किसी को जबरदस्ती नहीं कह सकती कि वो फिल्म देखें, लेकिन मैं यही कहना चाहूंगी कि हमने इसे बहुत ईमानदारी से बनाया है। हमारा मकसद सिर्फ सच्चाई दिखाना था, न कि किसी पक्ष में खड़े होना।
आपने 'मोहब्बतें' से डेब्यू किया था। उस रोल ने करियर को कैसे बदला?
'मोहब्बतें' साइन करने से पहले काफी मॉडलिंग और कुछ साउथ की फिल्में कर चुकी थी। बॉलीवुड का एक्सपीरियंस पूरी तरह अलग था। मुझे आज भी याद है आदित्य चोपड़ा सर ने हमें हर पहलू में ट्रेन किया, चाहे वो डिक्शन हो, कथक डांस हो, हिंदी डायलॉग डिलीवरी, या फिल्मी गानों पर डांस। आठ महीने तक हमनें रोज ट्रेनिंग ली थी। वो ट्रेनिंग आज भी मेरे अंदर की एक्ट्रेस को गाइड करती है।
आपने कई भाषाओं और शैलियों में काम किया है, अब आगे किस तरह के किरदार करना चाहेंगी?
एक एक्ट्रेस के तौर पर मैं हमेशा नए और अलग-अलग किरदार करने के लिए तैयार रहती हूं। मुझे लगता है कि एक कलाकार कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होता। हमेशा कुछ नया सीखने और करने की चाह रहती है। मैं भी ऐसे ही किरदार करना चाहती हूं जो मुझे एक नई चुनौती दें और मुझे खुद को और बेहतर बनाने का मौका दें।
आपको किस तरह की फिल्मों या जॉनर में काम करना पसंद है?
मुझे थ्रिलर और सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्में बहुत पसंद हैं। रियल लाइफ कहानियों में एक अलग ही ताकत होती है, वो दिल से जुड़ती हैं। मुझे ऑटोबायोग्राफी पढ़ना भी अच्छा लगता है, और इसलिए मैं कभी एक बायोपिक में भी काम करना चाहती हूं।
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अगर मौका मिले, तो किसकी बायोपिक करना चाहेंगी?
मुझे टेनिस खिलाड़ी आंद्रे अगासी की किताब 'ओपन' बहुत पसंद आई थी। वो कहानी बहुत ही ईमानदार और प्रेरणादायक थी। हालांकि, मैं उनका किरदार नहीं निभा सकती। लेकिन ऐसी कहानियां मुझे बहुत खींचती हैं। मैं किसी भी ऐसी शख्सियत की बायोपिक करना चाहूंगी जिसने जिंदगी में कुछ बड़ा किया हो, चाहे वो राजनीति से जुड़ी हों या खेल से।