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Preeti Jhangiani: ‘सच्ची घटना पर बनी फिल्म करना आसान नहीं’, प्रीति ने बताया क्यों किया ‘उदयपुर फाइल्स’ में काम

Wed, 16 Jul 2025 12:52 PM IST
आराध्य त्रिपाठी अमर उजाला, मुंबई

सार

Preeti Jhangiani Interview: अभिनेत्री प्रीति झांगियानी ने फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर की बात। बताया क्यों कहा इस फिल्म को हां।
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प्रीति झांगियानी और उदयपुर फाइल्स का पोस्टर - फोटो : इंस्टाग्राम-@jhangianipreeti और सोशल मीडिया
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विस्तार
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‘मोहब्बतें’ फेम अभिनेत्री प्रीति झांगियानी को आखिरी बार 2017 में रिलीज हुई फिल्म ‘तावड़ो’ में देखा गया था। अब वे फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ में पत्रकार अंजना सिंह की भूमिका निभा रही हैं। सच्ची घटना पर आधारित यह फिल्म इन दिनों चर्चा में है। अमर उजाला डिजिटल से बातचीत में प्रीति ने फिल्म से जुड़े अपने अनुभवों को साझा किया।

‘उदयपुर फाइल्स’ से आप 8 साल बाद कमबैक कर रही हैं। वापसी की क्या वजह रही? 

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ऐसा नहीं है कि मैंने सोचकर फिल्मों से ब्रेक लिया था। मैं लगातार काम कर रही थी। फिल्में न सही, लेकिन ऐड फिल्म्स, शोज और कई प्रोजेक्ट्स से जुड़ी हुई थी। बात करूं इस फिल्म की तो ये एक सच्ची घटना पर बनी है और मुझे हमेशा से ऐसी कहानियां पसंद हैं जो असल जिंदगी से जुड़ी हों। जब मैंने इस फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो बिना देर किए तुरंत हां कर दी।

एक सच्ची और दर्दनाक घटना पर आधारित फिल्म में काम करना कितना चुनौतीपूर्ण होता है?
इस तरह की कहानी पर काम करना किसी भी कलाकार के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। ये सिर्फ एक किरदार निभाने की बात नहीं होती। ये एक असल इंसान का दर्द और उसकी तकलीफ को पर्दे पर लाने की जिम्मेदारी होती है। जब मैंने इस कहानी के बारे में पढ़ा, तो मुझे बड़ा झटका लगा। किसी को सिर्फ इसलिए मार दिया जाए क्योंकि उसने अपनी बात कही, चाहे वो सही हो या गलत। ये सोचकर ही दिल कांप जाता है। एक इंसान की जान उसके विचार या धार्मिक विश्वास की वजह से ले लेना बहुत ही डरावना है। इस फिल्म ने मुझे भीतर तक झकझोर दिया और एक सवाल भी खड़ा किया- क्या हम सच में एक आजाद समाज में जी रहे हैं, जहां अपनी राय रखना सुरक्षित है? 

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विजय राज - फोटो : सोशल मीडिया

आपको लगता है इस तरह की फिल्में समाज में कोई जागरूकता ला सकती हैं?
हां, पूरी उम्मीद है कि ऐसी फिल्में समाज में सोच को झकझोरने का काम करती हैं। जब कोई ऑडियंस ऐसी सच्ची घटनाओं पर बनी फिल्म देखता है, तो उसके मन में सवाल उठते हैं- ये क्यों हुआ, कैसे हुआ, और क्या ये सही था? यही सवाल कहीं न कहीं सोच और फिर बदलाव की शुरुआत बनते हैं। ये फिल्म एक बड़ा मैसेज देती है कि हमें इंसानियत सिखाने की जरूरत है। सिर्फ धर्म या किताबी ज्ञान नहीं, बच्चों को पहले अच्छा इंसान बनना सिखाना होगा। 

जो लोग फिल्म देखे बिना ही उसे जज कर रहे हैं, उन्हें आप क्या कहना चाहेंगी?
हमारे यहां तो अक्सर लोग बिना फिल्म देखे ही राय बना लेते हैं। मैं किसी को जबरदस्ती नहीं कह सकती कि वो फिल्म देखें, लेकिन मैं यही कहना चाहूंगी कि हमने इसे बहुत ईमानदारी से बनाया है। हमारा मकसद सिर्फ सच्चाई दिखाना था, न कि किसी पक्ष में खड़े होना। 

आपने 'मोहब्बतें' से डेब्यू किया था। उस रोल ने करियर को कैसे बदला? 
'मोहब्बतें' साइन करने से पहले काफी मॉडलिंग और कुछ साउथ की फिल्में कर चुकी थी। बॉलीवुड का एक्सपीरियंस पूरी तरह अलग था। मुझे आज भी याद है आदित्य चोपड़ा सर ने हमें हर पहलू में ट्रेन किया,  चाहे वो डिक्शन हो, कथक डांस हो, हिंदी डायलॉग डिलीवरी, या फिल्मी गानों पर डांस। आठ महीने तक हमनें रोज ट्रेनिंग ली थी। वो ट्रेनिंग आज भी मेरे अंदर की एक्ट्रेस को गाइड करती है।

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प्रीति झांगियानी - फोटो : इंस्टाग्राम-@jhangianipreeti

आपने कई भाषाओं और शैलियों में काम किया है, अब आगे किस तरह के किरदार करना चाहेंगी?
एक एक्ट्रेस के तौर पर मैं हमेशा नए और अलग-अलग किरदार करने के लिए तैयार रहती हूं। मुझे लगता है कि एक कलाकार कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होता। हमेशा कुछ नया सीखने और करने की चाह रहती है। मैं भी ऐसे ही किरदार करना चाहती हूं जो मुझे एक नई चुनौती दें और मुझे खुद को और बेहतर बनाने का मौका दें।

आपको किस तरह की फिल्मों या जॉनर में काम करना पसंद है?
मुझे थ्रिलर और सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्में बहुत पसंद हैं। रियल लाइफ कहानियों में एक अलग ही ताकत होती है, वो दिल से जुड़ती हैं। मुझे ऑटोबायोग्राफी पढ़ना भी अच्छा लगता है, और इसलिए मैं कभी एक बायोपिक में भी काम करना चाहती हूं।

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अगर मौका मिले, तो किसकी बायोपिक करना चाहेंगी?
मुझे टेनिस खिलाड़ी आंद्रे अगासी की किताब 'ओपन' बहुत पसंद आई थी। वो कहानी बहुत ही ईमानदार और प्रेरणादायक थी। हालांकि, मैं उनका किरदार नहीं निभा सकती। लेकिन ऐसी कहानियां मुझे बहुत खींचती हैं। मैं किसी भी ऐसी शख्सियत की बायोपिक करना चाहूंगी जिसने जिंदगी में कुछ बड़ा किया हो, चाहे वो राजनीति से जुड़ी हों या खेल से।

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