जब अर्जुन का रोल हाथ से फिसल गया
एक इंटरव्यू में पंकज धीर ने महाभारत में 'कर्ण' का किरदार मिलने को लेकर एक पुराना वाक्या बताया था। उस समय लेखकों और पैनल के सदस्यों – रही मासूम रज़ा, भृंग तुपकरी और पंडित नरेंद्र शर्मा – ने एकमत से कहा था कि वह अर्जुन के किरदार के लिए बिल्कुल फिट हैं। उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट पर साइन भी कर दिया था। लेकिन तभी चोपड़ा साहब ने कहा कि अर्जुन के रूप में उन्हें बृहन्नला (अर्जुन का नपुंसक अवतार) की भूमिका भी निभानी होगी, जिसके लिए मूंछें हटानी जरूरी हैं।
पंकज धीर ने साफ मना कर दिया था। उन्होंने कहा कि उनका चेहरा मूंछों के साथ ही संतुलित दिखता है और बिना मूंछ के उनका लुक बदल जाएगा। बी आर चोपड़ा ने नाराज होकर उनसे कहा, 'क्या आप वाकई एक्टर हैं? इतनी बड़ी भूमिका सिर्फ मूंछ के कारण छोड़ रहे हैं?' और इसी के साथ उन्होंने पंकज को अपने ऑफिस से बाहर जाने के लिए कह दिया।
किस्मत का खेल- अर्जुन नहीं, बने कर्ण
छह महीने तक काम न मिलने के बाद, पंकज को दोबारा बीआर चोपड़ा का फोन आया। उन्होंने पूछा- 'क्या तुम कर्ण का रोल करोगे?' पंकज ने मजाक में कहा, 'सर, इसमें मूंछें मुंडवानी तो नहीं पड़ेंगी?' इस पर चोपड़ा साहब हंस पड़े और बोले, 'नहीं।' यही पल था जिसने पंकज धीर की किस्मत बदल दी। अर्जुन का रोल भले ही उनसे छिन गया, लेकिन कर्ण के रूप में उन्होंने जो लोकप्रियता हासिल की, वो किसी अर्जुन से कम नहीं थी।
यह खबर भी पढ़ें: 'महाभारत' फेम अभिनेता पंकज धीर का निधन, 'अर्जुन' का किरदार निभाने वाले फिरोज बोले- एक अच्छे दोस्त को खो दिया