क्या आज की फिल्मों में महिला किरदार पहले से बेहतर दिखाए जा रहे हैं?
बिल्कुल। पहले हीरोइन की भूमिका स्क्रिप्ट के आखिर में जुड़ती थी, अब कहानियां उसी से शुरू होती हैं। आज की एक्ट्रेसेस को मजबूत और लेयर्ड किरदार मिल रहे हैं। कई फिल्में तो एक्ट्रेस को ध्यान में रखकर ही लिखी जाती हैं।
इंडस्ट्री में अब सबसे बड़ा बदलाव क्या लगता है?
अब सब कुछ बहुत प्रोफेशनल हो गया है। पहले हम इमोशन और इंस्टिंक्ट से काम करते थे, अब हर चीज प्लान के मुताबिक होती है। आज के एक्टर्स अपने रोल के लिए मेहनत करते हैं, वर्कशॉप्स करते हैं, स्क्रिप्ट पर काम करते हैं। टेक्नोलॉजी और तैयारी - दोनों जबरदस्त हैं।
आपकी कोई पुरानी फिल्म जिसका रीमेक बनता देखना चाहेंगी?
‘प्रेम रोग’, ‘वो सात दिन’, ‘साजन बिना सुहागन’, इन फिल्मों का रीमेक अगर बने और दिल से बने तो जरूर देखना चाहूंगी। पर हर फिल्म की एक आत्मा होती है, उसे बनाए रखना बहुत जरूरी है।
आप किस फिल्म की शूटिंग कर रही हैं इन दिनों?
एक फिल्म कर रही हूं, जिसका वर्किंग टाइटल है ‘रशीकरण’। ये एक साइको थ्रिलर है जिसमें यशपाल शर्मा मेरे पति का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म की शूटिंग देहरादून में होगी। मेरी भूमिका इस बार काफी अलग है – थोड़ी रहस्यमयी, थोड़ी गंभीर और बहुत मजबूत। मुझे कहानी पढ़कर तुरंत हां कहने का मन हुआ क्योंकि मैं दिल से काम चुनती हूं।
वर्कफ्रंट पर अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे
बता दें पद्मिनी इन दिनों चक्रवर्ती सम्राट पृथ्वीराज चौहान शो मे राजमाता के किरदार में नजर आ रही हैं। ये शो 4 जून से शुरू हुआ है।