इस अवसर पर सीएमओटी जूरी सदस्यों में से एक निर्देशक शूजीत सरकार ने कहा कि आत्म-निरीक्षण, आशा, विरोध जैसी सभी भावनाओं को प्रदर्शित करते हुए मिशन लाइफ पर 48 घंटों में लघु फिल्में बनाना अविश्वसनीय है।
गोवा में सिमटते समुद्र तट पर बनी लघु फिल्म ओड ने गोवा में चल रहे 54वें भारत अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में 75 क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो (सीएमओटी) में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता। फिल्म चैलेंज के हिस्से के तौर पर 75 सीएमओटी प्रतिभागियों को पांच टीमों में बांटा गया था, जिन्होंने 48 घंटों में मिशन लाइफ विषय पर लघु फिल्में बनाईं।
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इस अवसर पर सीएमओटी जूरी सदस्यों में से एक निर्देशक शूजीत सरकार ने कहा कि आत्म-निरीक्षण, आशा, विरोध जैसी सभी भावनाओं को प्रदर्शित करते हुए मिशन लाइफ पर 48 घंटों में लघु फिल्में बनाना अविश्वसनीय है।
किस आधार पर है फिल्म
सीएमओडी चैलेंज श्रेणी में पुरस्कार जीतने वाली ओड मछुआरा मार्सेलिन की कहानी है जो पार्किंग की जगह ढूंढने की कोशिश करते हुए अपनी नाव को शहर के बीच ले आता है। उसकी शिकायत है कि समुद्र तट चोरी हो गया है और उसके पास अपनी नाव खड़ी करने के लिए कोई जगह नहीं बची है। यह फिल्म समुद्र के स्तर में वृद्धि और समुद्र तटों पर बड़े पैमाने पर हो रहे निर्माण के मुद्दे को उठाती है। इसे काफी पसंद किया गया।