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Navratri Special: ‘हर चुनौती का सामना साहस के साथ करो’, एक्ट्रेस पत्रलेखा ने बताया उनके लिए क्या है असली शक्ति

सार

Patralekha Interview: इस नवरात्रि अमर उजाला ने आपके सामने 9 दिन, 9 अभिनेत्रियों की 9 कहानियां पेश कीं। आज नवरात्रि का आखिरी यानी नौवां दिन है। इस दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो ज्ञान, शक्ति और पूर्णता की प्रतीक मानी जाती हैं। इस अवसर पर हमने पत्रलेखा से बात की।
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पत्रलेखा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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‘करियर की शुरुआत में मुझे बहुत बार अस्वीकृति का सामना करना पड़ा। एक अभिनेता के रूप में आप हर ऑडिशन में अपना सब कुछ दे देते हैं। और जब चीजें नहीं होतीं, तो यह बहुत दुखद और व्यक्तिगत लगने लगता था। उस समय मैं खुद से कई सवाल पूछती थी... क्या मैं सही कर रही हूं? क्या मैं योग्य हूं? लेकिन मैं हमेशा याद रखती थी कि मैंने यह पेशा क्यों चुना... क्योंकि मुझे सच में कहानियां सुनाने से प्यार है। यही प्यार मेरा आधार बन गया। धीरे-धीरे अवसर आने लगे। आज पीछे मुड़कर देखती हूं, तो लगता है कि उस दौर ने मुझे धैर्यवान और मजबूत बनाया।’

अपनी आवाज पर भरोसा करना जरूरी है

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‘फिल्म ‘सिटीलाइट्स’ के बाद मैं थोड़े समय के लिए अनिश्चित दौर में थी। इंडस्ट्री कभी-कभी आपको एक ही छवि में बांध देती है। मुझे इसे तोड़ने के लिए मेहनत करनी पड़ी। वह समय मेरे लिए एक टर्निंग पॉइंट था। इसने मुझे सिखाया कि दूसरों की राय से ज्यादा, अपनी खुद की आवाज पर भरोसा करना जरूरी है। इससे मुझे सही भूमिकाओं का इंतजार करने और उन किरदारों को न कहने का साहस मिला, जो मेरे लिए सही नहीं थे। मैंने सीखा कि अपनी असली पहचान को पहचानना और उसकी रक्षा करना ही असली ताकत है।’

छोटे-छोटे पल मुझे अपने अंदर से जोड़ते हैं 
‘मैं अपनी दिनचर्या को सरल रखती हूं। पढ़ाई, ध्यान या बस अपने साथ कुछ पल बिताना। ये छोटे-छोटे पल मुझे अपने अंदर से जोड़ते हैं। जब मैं खुद के साथ शांत बैठती हूं, तो अपने विचारों और भावनाओं को महसूस कर पाती हूं। तब मुझे अपनी असली पहचान और अपनी ताकत का अहसास होता है और बाकी सब शोर पीछे हट जाता है। इसके अलावा, मैं अपने पति, परिवार और करीबी दोस्तों की मदद लेती हूं।’

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पत्रलेखा - फोटो : इंस्टाग्राम

धैर्य और मेहनत का फल हमेशा मिलता है
‘हालिया रिलीज फिल्म ‘फुले’ के बाद मुझे बहुत अच्छी और रोचक फिल्में मिल रही हैं। मैं जल्दी ही काम शुरू करने के लिए उत्साहित हूं। यह मुझे याद दिलाता है कि धैर्य और मेहनत का फल हमेशा मिलता है, भले ही वह तुरंत दिखाई न दे।’

कभी अपने अंदर की ताकत को कम मत आंकिए 
‘मैं हर महिला से कहना चाहती हूं कि कभी अपने अंदर की ताकत को कम मत आंकिए। जब भी आप असहाय महसूस करें, याद रखें कि सहनशीलता और धैर्य आपके अंदर ही हैं। नवरात्रि पर मां दुर्गा के साथ ही अपने अंदर की शक्ति और स्थिरता का भी जश्न मनाना चाहिए। अपनी ताकत को पहचानो और हर चुनौती का सामना साहस के साथ करो। अपने अंदर की शक्ति को पहचानो, आत्म-जागरुक बनो और जीवन में हर चुनौती का सामना साहस के साथ करो।’

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