नाना पाटेकर उन अभिनेताओं में रहे, जिन्होंने गंभीर, दमदार और अलग तरह के किरदारों से अपनी पहचान बनाई। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘तिरंगा’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खास तौर पर याद किया जाता है। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री समेत कई बड़े सम्मान मिले हैं।
'गमन' से शुरू हुआ फिल्मी सफर
नाना पाटेकर का असली नाम 'विश्वनाथ पाटेकर' था। उन्होंने हिंदी सिनेमा में अभिनय की शुरुआत 1978 में आई फिल्म 'गमन' से की। शुरुआती दौर में उन्होंने हिंदी के साथ-साथ मराठी फिल्मों में भी काम किया। हालांकि, फिल्मों में शुरुआती भूमिकाएं उन्हें तुरंत स्टार नहीं बना सकीं, लेकिन उनके अभिनय की गंभीरता और अलग शैली ने जल्द ही फिल्मकारों का ध्यान खींचना शुरू कर दिया।
नाना पाटेकर और अनिल कपूर
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