सह निर्देशक से निर्देशक बनने का सफर
नाग अश्विन ने अपने करियर में सिर्फ तीन फिल्में ही बनाई हैं। उनकी तीनों ही फिल्में कमाल की हैं। नाग अश्विन ने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर फिल्मी दुनिया में कदम रखा। उन्होंने साल 2008 में फिल्म 'नेनु मीकू तेलुसा' का सहनिर्देशन किया। इसके बाद 'लीडर' और 'लाइफ इस ब्यूटीफुल' में काम किया। उन्होंने साल 2015 में बतौर निर्देशक 'येवडे सुब्रमण्यम' में काम किया। फिल्म की काफी सराहना हुई। इस फिल्म में सर्वश्रेष्ठ डेब्यू निर्देशक के लिए उन्हें नंदी अवॉर्ड्स मिला।
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अश्विन की दूसरी फिल्म 'महानति' ने जीते कई अवॉर्ड्स
नाग अश्विन की दूसरी फिल्म 'महानति' से उन्हें पहचान मिली। इस फिल्म को बनाने से पहले उन्होंने छह महीने तक रिसर्च किया। फिल्म 2018 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म अभिनेत्री सावित्री की बायोपिक थी। सावित्री साउथ सिनेमा में सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में शामिल थीं। इस फिल्म के लिए नाग अश्विन को सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फीचर फिल्म के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड, तेलुगु के सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड, जी सिने अवॉर्ड तेलुगु और रामिनेनी फाउंडेशन अवॉर्ड मिला।
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माता-पिता हैं डॉक्टर
नाग अश्विन 23 अप्रैल 1986 को तेलुगु परिवार में पैदा हुए। अश्विन की शुरूआती पढ़ाई हैदराबाद में हुई। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया फिर उन्होंने फिल्म निर्देशन का कोर्स न्यूयॉर्क फिल्म अकादमी से किया। उनके माता-पिता डॉक्टर हैं। दोनों हैदराबाद में एक बड़ा अस्पताल चलाते हैं। दिसंबर 2015 में नाग अश्विन ने वैजयंती मूवीज के निर्माता सी अश्विनी दत्त की दूसरी बेटी प्रियंका दत्त से शादी की। दोनों से एक बेटा ऋषि है।