कलाकार: प्रियंका चोपड़ा जोनस, फरहान अख्तर, जायरा वसीम और रोहित सराफ
निर्देशक: सोनाली बोस
निर्माता: रॉनी स्क्रूवाला और सिद्धार्थ रॉय कपूर
बर्फी और दंगल बनाने वालों की नई पेशकश है द स्काई इज पिंक। पहली फिल्म यानी बर्फी में प्रियंका चोपड़ा की अदाकारी उनके करियर का चरम थी तो दंगल एक इमोशनल बायोपिक। द स्काई इज पिंक इन दोनों की भावनाएं एक साथ जगा सकने वाली फिल्म है। ये कहानी गुड़गांव की आयशा चौधरी की असली कहानी है जिनका देहांत 18 साल की उम्र में हो गया और निधन से एक दिन पहले रिलीज हुई उनकी आत्मकथा, माई लिटल एपीफेनीस।
आयशा चौधरी को पता चल गया था कि फेफड़ों की उनकी बीमारी उन्हें जीने नहीं देगी। लेकिन अपने भाई और अपने माता-पिता के साथ उन्होंने जो छोटी सी लेकिन बड़ी जिंदगी जी, वही तीन साल बाद परदे पर लौटीं प्रियंका चोपड़ा की इस फिल्म की कहानी है। हालांकि, सिर्फ ट्रेलर देखकर फिल्म की कहानी समझ नहीं आती और इसीलिए ये थोड़ा सा परिचय उनक आयशा चौधरी का जिन पर ये फिल्म बनी है।
जायरा वसीम यहां आयशा के किरदार में हैं और प्रियंका व फरहान उनके माता पिता के रोल में। कहानी दो समय चक्र में चलती दिख रही है और दोनों में प्रियंका की उर्जा काबिले तारीफ है। यूं लगता है कि जिंदगी ना मिलेगी दोबारा का कोई कपल अपनी शादी के आगे की कहानी दिखा रहा है। 21वीं सदी के बच्चे कैसे अपने माता पिता के साथ बिना हिचक शारीरिक संबंधों की बातें कर लेते हैं। कैसे 70-80 के दशक के युवाओं का लैंडलाइन फोन पर रोमांस हुआ करता था और क्या होता था जब बीच में कोई बड़ा आ टपकता था।
कहानी बहुत इमोशनल है, हालांकि ट्रेलर कहानी के मिजाज से बहुत फास्ट एडिट हुआ है। गुलजार के गाने हैं। प्रीतम का संगीत है। और, शोनाली बोस का एक अलग नजरिया है जिंदगी को देखने के लिए। इस नजरिए में आपको ऋषिकेष मुखर्जी की सुपरहिट फिल्म आनंद की झलक भी दिख सकती है। बीमारी से हंसते हुए जूझता आनंद और उसका खास दोस्त बाबू मोशाय। याद है ना!
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