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Movie Review: 'कैप्टन मार्वेल' पर भारी पड़ा डीसी का 'शाजाम'

Fri, 05 Apr 2019 02:47 PM IST
शिप्रा सक्सेना मुंबई डेस्क, अमर उजाला

सार

  • मूवी रिव्यू: शाजाम
  • कलाकार: जकारी लेवी, एशर एंजेल, जैक डिलन ग्रैजर, मार्क स्ट्रॉन्ग आदि।
  • निर्देशक: डेविड एफ सैंडबर्ग
  • बैनर: वार्नर ब्रदर्स पिक्चर्स
  • रेटिंग: ***1/2
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Shazam film poster - फोटो : twitter
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विस्तार
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नियति निराले खेल दिखाती है। खेल ये है कि 'शाजाम' और 'कैप्टन मार्वेल' दोनों की उत्पत्ति का सूत्र एक है। दोनों की शक्तियां एक जैसी हैं। दोनों को लेकर तमाम दांवपेंच दुनिया की दो सबसे बड़ी कॉमिक्स बनाने वाली कंपनियों, डीसी कॉमिक्स और मार्वेल स्टूडियोज ने देखे। दोनों रिलीज हुईं तो एक ही साल, कुछ दिनों से आगे पीछे। जिनको कैप्टन मार्वेल का इतिहास नहीं पता, उन्हें ये जानकर हैरानी होगी कि दरअसल शाजाम वह शक्ति है जिसे पाकर बिली बैस्टन नाम का बच्चा सुपरहीरो कैप्टन मार्वेल बनता है। दोनों की पहचान कैसे अलग अलग हुई और कैसे दोनों अलग अलग कंपनियों के कॉपीराइट बने, ये एक लंबी कहानी है।
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अभी बात करते हैं फिल्म 'शाजाम' की जो डीसी कॉमिक्स की ईजाद किए कॉमिक्स पर बनी फिल्मों में वंडर वूमन के बाद की बेहतरीन फिल्म है। बाल सुलभ हरकतें करता हुआ सुपरहीरो किसको नहीं भाएगा भला। मनमोहन देसाई की तमाम सुपरहिट फिल्में लिखने वाले मशहूर पटकथा लेखक के के शुक्ला ने एक बार कहा था कि एक सुपरहिट फिल्म की कहानी में एक बच्चा होना चाहिए, एक दुखियारी मां होनी चाहिए और होना चाहिए एक ऐसा दमदार विलेन जिससे भिड़ने के बाद साधारण इंसान अपने आप हीरो दिखने लगे। शाजाम में ये सब कुछ है।

मार्वेल ने अपना सिनेमैटिक यूनीवर्स पूरी दुनिया में मजबूती से खड़ा कर लिया है। अब बारी डीसी के विस्तारित यूनीवर्स की है। बिली बैस्टन का बचपन मुसीबतों से भरा है लेकिन उसे एक दिन जब ये शक्ति मिल जाती है कि वह शाजाम कहते ही सुपरहीरो बन जाए तो माहौल घर से लेकर स्कूल और बाहर तक बदल जाता है। एक ही कोडवर्ड से शक्तियां पाने और उसी शब्द से वापस अपने मूलरूप में लौट आने वाला वह पहला सुपर हीरो है। फिल्म बहुत कुछ भारतीय संवेदनाओं के करीब है। अपनी मां की तलाश में भटकते बच्चे के एकदम से ताकतवर बन जाने की कहानी अगर रुलाती है तो हंसाती भी खूब है। कैप्टन मार्वेल की तरह शाजाम को भी अपनी ताकत को काबू में करना जब आता है तो फिर उसके बाद जो होता है, वह पर्दे पर देखने लायक है। 
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दुनिया बदल रही है। इंसान अब गुस्सा कम होता है। डीसी कॉमिक्स ने भी इसे समझा है। उनका सिनेमा भी अब जीवन की अच्छी चीजों की तरफ मुड़ रहा है। अंधेरे से उजाले की तरफ डीसी कॉमिक्स की ये यात्रा सुखद है। वंडर वूमन के बाद शाजाम इसी के बेहतरीन पड़ाव हैं और आने वाले समय में मार्वेल की फिल्मों को ये नए किरदार तगड़ा कॉम्पटीशन भी बॉक्स ऑफिस पर देने वाले हैं। अमर उजाला डॉट कॉम के मूवी रिव्यू में 'शाजाम' को मिलते हैं साढ़े तीन स्टार।
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