कलाकार: शाहिद कपूर, कियारा आडवाणी, सुरेश ओबेरॉय आदि।
निर्देशक: संदीप रेड्डी वांगा
निर्माता: भूषण कुमार, मुराद खेतानी, किशन कुमार और अश्विन वर्दे
रीमेक का पहला उसूल होता है कि इसे जिस भाषा के लिए फिर से बनाया जा रहा है, उसका इतिहास, भूगोल और परंपराएं नए सिरे से रची जाएं। फिर, ऐसे किरदार लिए जाएं जिनमें मूल किरदारों जैसी ही ऊर्जा हो, संवेदनशीलता हो और परदे पर वैसे ही छा जाने की काबिलियत हो। और, आखिर में म्यूजिक ऐसा हो जो रीमेक वाली भाषा के दर्शकों को किरदारों के आसपास का लगे। टी सीरीज और सिने 1 की फिल्म कबीर सिंह इन सारे पैमानों पर अपने ट्रेलर में सौ में सौ नंबर लाती दिख रही है।
कबीर सिंह का ट्रेलर उस झांकी के आगे की झलकियां लेकर आया है जो दर्शकों ने पिछले महीने की शुरूआत में इसके टीजर में देखीं। सिद्धार्थ-गरिमा के संवादों की झनझनाहट आखिर तक महसूस होती रहती है और निर्देशक संदीप रेड्डी की वांगा को सबसे मजबूत मदद मिली है रविचंद्रन की सिनेमैटोग्राफी, हर्षवर्धन रामेश्वर के बैकग्राउंड स्कोर और आरिफ शेख की एडीटिंग से। साथी कलाकारों को कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने भी छांट छांट कर फिट किया है।
लेकिन, इस सबके साथ ही कबीर सिंह का करिश्मा अगर ट्रेलर में दिखता है तो उसकी सबसे बड़ी वजह है टाइटल रोल में शाहिद कपूर का पागलपन। ट्रेलर के आखिर में कबीर सिंह कहता भी है, ‘आई एम नॉट ए रिबेल विटआउट ए कॉज’। पर प्रेम तो अपने आप में बगावत की बहुत बड़ी वजह होती है। गीतकार संतोष आनंद ने फिल्म क्रांति में लिखा, ‘वो जवानी जवानी नहीं जिसकी कोई कहानी न हो।’ कबीर सिंह काबिल है, अपने पेशे का हुनरमंद है, लेकिन ऐसे हुनरमंद काबिल तो लाखों हैं। उसकी कहानी आकर्षित करती है क्योंकि वह प्रेम दीवाना है। प्रेम में दीवानगी की हद पार कर जाने वाली कहानियां हिंदी सिनेमा की अरसे से जरूरत रही हैं। कबीर सिंह के ट्रेलर से लगता है, इस दीवानगी की वापसी हो रही है।
यहां देखें ट्रेलर