निर्माताः करन ग्रोवर-मानस मल्होत्रा
निर्देशकः शेफाली भूषण
सितारेः सुगंधा गर्ग, सिद्धांत बहल, साधना सिंह
रेटिंग **
आत्मसंघर्ष के दौर से गुजरता कलाकार जब नई ऊंचाइयां छूना चाहता है तो उसे अपने रास्ते खुद तलाशने पड़ते हैं। यही विभावरी/विब्स (सुगंधा गर्ग) की कहानी है। जो सिने-संगीत दुनिया में जगह बनाना चाहती है। इसके लिए उसके पास कुछ ऐसा चाहिए जो खास हो। यही तलाश उसे पंजाब के एक गांव ले जाती है जहां लोकगायिका बीबी सरूप (साधना सिंह) से उसे उम्मीद है।
विब्स को लगता है कि बीबी के गानों को अगर वह अपने संगीत में पिरो लेगी तो सपना सच हो जाएगा। यहां उसकी मुलाकात होती है बीबी के बेटे मस्ताना (सिद्धांत बहल) से। जो अपनी मां के साथ ही कार्यक्रमों में गाता है। जब दो जवां दिल मिलते हैं तो संगीत के छिड़े तार नई तरंगें पैदा करते हैं। इस मोड़ पर कहानी पारंपरिक रास्ते से हट जाती है और कहती है कि न मिलने में भी मजा है! लैला-मजनूं, शीरीं-फरहाद, सस्सी-पन्नू अगर मिल जाते क्या दुनिया उनकी कहानी जानती!!
निर्देशक शेफाली भूषण देश के पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण की बेटी और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की बहन हैं। यह उनकी पहली फिल्म है। शेफाली करीब दो दशक से लोक संगीत को सहेजने और उसे लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। जुगनी उसी काम को आगे बढ़ाने का प्रयास है।