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हैप्पी भाग जाएगी: ये होता है जब लड़की शादी के पहले पाकिस्तान भाग जाए

Fri, 19 Aug 2016 01:29 PM IST
रवि बुले/ मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
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निर्माताः आनंद एल.राय
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निर्देशकः मुदस्सर अजीज
सितारेः डायना पेंटी, अभय देओल, अली फजल, जिमी शेरगिल, पियूष मिश्रा, मोमल शेख
रेटिंग ***

फिल्म में पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी बने पियूष मिश्रा से हीरो गुड्डू (अली फजल) कहता है कि एक बात पूछूं, तो जवाब मिलता है कि कश्मीर के अलावा कुछ भी पूछ लो। निःसंदेह हर मुद्दे की जड़ में यह है और इसे छोड़ कर बात करें तो विवाद की गुंजाइशें कम ही हैं। निर्देशक मुदस्सर अजीज ने तमाम रंजिशों को छोड़ कर सीमा के इधर और उधर की एक कहानी रची और उसे कॉमेडी से पिरोया।

असल जीवन में शादी को चलाना भले ही पहाड़ पर चट्टान चढ़ाने जैसा लगे मगर बॉक्स ऑफिस पर इस विषय के साथ फिल्म चलाना निर्माता-निर्देशकों को थोड़ा सहज लगता है। यही वजह है कि तनु वेड्स मनु सीरीज की दो कामयाब फिल्मों के बाद निर्माता आनंद एल.राय ने शादी वाली कहानी पर ही दांव लगाया है। इसमें संदेह नहीं कि भारत-पाकिस्तान के बीच तफरीह यह रोचक कहानी बन पड़ी है। राय की फिल्मों के प्रशंसक इसे पसंद करेंगे।
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अमृतसर की हरप्रीत कौर उर्फ हैप्पी (डायना पेंटी) से गुड्डू और बग्गा (जिमी शेरगिल) दोनों प्यार करते हैं। पिता दबंग बग्गा के पक्ष में है क्योंकि वह पैसे वाला आदमी है, कारपोरेटर। जबकि गुड्डू सिर्फ टुनटुना बजाते हुए गाता है और उसे किसी संगीत कंपनी से एक अच्छे कॉन्ट्रेक्ट का इंतजार है। सगाई वाले दिन हैप्पी अततः गुड्डू के साथ भागने का फैसला करती है और अपने कमरे की खिड़की से नीचे खड़े गलत ट्रक में कूद जाती है।

जिसमें पाकिस्तान से भारत में एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने आए लाहौर के पूर्व गवर्नर के तोहफे रखे हैं। ट्रक अमृतसर से निकल कर लाहौर पहुंचता है! वहां है जूनियर बिलाल (अभय देओल), पूर्व गवर्नर का बेटा। क्या अमृतसर से भागी हैप्पी भारत लौटेगी? हैप्पी और गुड्डू का मिलन होगा? क्या हैपी जूनियर बिलाल को भा जाएगी? ताकतवर बग्गा हैप्पी को हासिल करने के लिए क्या करेगा? ऐसे तमाम सवालों के जवाब फिल्म में आपको कॉमिक अंदाज में मिलेंगे।
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हैप्पी का पाकिस्तान कनेक्शन जुदा है

बीते कुछ समय में ब्लॉकबस्टर बजरंगी भाईजान से लेकर फ्लॉप सरबजीत तक पाकिस्तान कनेक्ट वाली कहानियां बॉक्स ऑफिस पर आई हैं। मगर हैप्पी का पाकिस्तान कनेक्शन जुदा है। यह किसी पल गंभीर नहीं होती और एंटरटेन करती है। इसे तर्क की कसौटी पर कसेंगे तो मुश्किल होगी। अतः हल्के-फुल्के मूड में फिल्म का मजा लिया जा सकता है।

यूं तो सभी कलाकारों का काम अपनी जगह सही है परंतु जिम्मी शेरगिल को देख कर लगता है कि राय की फिल्मों में दुल्हनिया हर बार उन्हें गच्चा ही देती रहेगी! इस लिहाज से उनके रोल में नएपन का अभाव है। अली फजल अपनी भूमिका में सहज हैं। जबकि चंचल-चुलबुली हैप्पी बनी डायना पेंटी में आप कंगना रनौत वाली बात नहीं पाते। अभय देओल और उनकी पाकिस्तानी प्रेमिका के रूप में मोमल शेख जमे हैं। मोमल पाकिस्तानी अभिनेत्री हैं।

मगर मुख्य ट्रेक से अलग होने के बावजूद याद रखने जैसा काम पीयूष मिश्रा का है। फिल्म की लिखावट में कुछ कसावट की मांग थी। पहला आधा-पौन घंटा सीट पर जमना दर्शक के लिए भी चुनौती की तरह होता है। परंतु एक बार जब हैप्पी रफ्तार पकड़  लेती है तो दर्शक भी उसकी दौड़ में शामिल हो जाता है।
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