अचानक मिली सफलता सिलसिलेवार विफलताओं की जननी होती है। बॉलीवुड में ऐसे सैकड़ों उदाहरण मिल जाएंगे। इन्हीं में लेखक और पहली बार निर्देशक बने मिलाप जवेरी का नाम जोड़ लीजिए। हिंदी फिल्मों में कुछ बरसों से शुरु हुए सेक्स कॉमेडी के दौर को पहचान दिलाने में उन्होंने लेखक के रूप में बड़ी मेहनत की।
परंतु पिछले हफ्ते उनकी लिखी सेक्स कॉमेडी क्या कूल हैं हम-3 को दर्शकों ने नकार दिया और मस्तीजादे भी उसी श्रेणी की फिल्म है, जो किसी स्तर पर मनोरंजन नहीं करती।
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सनी लियोनी को डबल रोल में लेने, सेक्स एडिक्शन और सेक्स थैरेपी को कहानी का केंद्रीय विषय बनाने के बावजूद मिलाप फिल्म में न तो सेक्स दिखा पाए और न कॉमेडी। यहां सस्ती, फूहड़ बातें और दिमाग की गंदगी वाले कुछ चित्र भर हैं।
कुछ बातों और दृश्यों में अपनी फिल्म को पोर्न के स्तर तक ले गए हैं
मिलाप कुछ बातों और दृश्यों में अपनी फिल्म को पोर्न के स्तर तक ले गए हैं, जो पोर्न के पैमानों पर भी छिछले हैं। आपको लगेगा कि इस फिल्म से तो अपना मोबाइल अच्छा!
फिल्म में कहानी के नाम पर अधकचरे सीन हैं। आप पाते हैं कि सदा काम-वासना से भरे दो युवा (तुषार कपूर-वीर दास) आंखों से सामने आती लड़कियों का एक्स-रे कर लेते हैं।
एक दिन अचानक उन्हें दो जुड़वां बहनें (सनी लियोनी) मिलती हैं, जिन पर उनकी यह शक्ति काम नहीं करती। युवकों को विश्वास हो जाता है कि यही वे कन्याएं हैं, जो विवाह करने के योग्य हैं! ये कन्याएं सेक्स एडिक्शन का शिकार युवकों की थैरेपी करती हैं। लेकिन खुद इसी समस्या का शिकार हैं।
मस्तीजादे कोई मस्ती नहीं देने वाली
कहानी में लड़कियों का पिता, भागी हुई मां, समलैंगिक भाई, एक दिव्यांग युवक और सेक्स गुरु भी है। इन पात्रों के साथ लेखक-निर्देशक ने मन में जो आया, वह परोस दिया। जो लोग ऐसी फिल्में बनाए/दिखाए जाने के विरुद्ध हैं, उनके लिए मिलाप का तर्क है कि मेरे घर में भी मां-बहन, पत्नी-बच्चे हैं।
उन्होंने इस काम को पसंद किया है। ...और जिन्हें सेक्स कॉमेडी से परहेज नहीं, उन्हें सिनेमाघर में जाने से पहले जान लेना चाहिए कि मस्तीजादे कोई मस्ती नहीं देने वाली। कारण यह कि सेक्स कॉमेडी लिखते/बनाते वक्त मिलाप के जेहन में केवल सेक्स रह गया और कॉमेडी वह भूल गए।
तुषार के करियर का सिक्का ऐसी फिल्मों से तो नहीं उछलने वाला
सनी लियोनी को यह समझना जरूरी है कि पोर्न स्टार की इमेज के साथ बॉलीवुड में काम करते हुए भले ही कुछ सितारे कभी उनके संग पर्दे पर आ जाएं, मगर ऐसी घटिया सेक्स कॉमेडी सबको उनसे दूर कर देंगी। साफ हो गया है कि तुषार कपूर के करिअर का सिक्का अंततः ऐसी फिल्म में भी नहीं उछलने वाला।
वीर दास जमने से पहले ही आउट हैं। इन दोनों को देख कर लगता है कि पोर्न ऐक्टर भी शायद अच्छा काम कर लेते। निर्माता-निर्देशक प्रचार कर रहे हैं कि वे मस्तीजादे का सीक्वल बनाएंगे। यूं ही नहीं गया गया है कि हारा हुआ जुआरी दूसरा दांव लगाए बिना नहीं मानता।