निर्माताः धनुष/के.एस. थानु
निर्देशकः सौंदर्या रजनीकांत
सितारेः धनुष, काजोल
रेटिंग: *
साउथ के सुपरस्टार धनुष और बॉलीवुड की स्टार काजोल की यह फिल्म कहने मात्र को वीआईपी है। इसमें कुछ भी खास नहीं है। मूल तमिल में बनी फिल्म हिंदी में डब करके रिलीज की गई है। यह बुरी तरह निराश करती है। इसकी कहानी घिसी-पिटी और इसमें डाले गए फिल्मी मसाले बेस्वाद हैं। न रोमांस है और न ऐक्शन। कॉमेडी ऐसी कि आप पक जाएं। भावनाओं के स्तर पर भी फिल्म नहीं छूती।
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यह कहानी युवा इंजीनियर रघुवरन (धनुष) की है, जो एक छोटी कंपनी में काम करते हुए भी बेस्ट इंजीनियर का अवार्ड जीतता है और तब साउथ में सबसे बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी की मालकिन वसुंधरा (काजोल) उसे जॉब ऑफर करती है। जिसे रघुवरन ठुकरा देता है। वह अपने जैसे युवा एक हजार इंजीनियरों का ग्रुप, वीआईपी चलाता है और ग्रुप को कंस्ट्रक्शन की दुनिया में ऊंचाई पर ले जाने के ख्वाब देखता है। रघुवरन की ना से वसुंधरा के अहंकार को ठेस पहुंचती है और वह उसके रास्ते में कर कदम पर मुश्किलें पैदा करना शुरू कर देती है।