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Jee Karda Review : बिना सिर पैर वाली कहानी की बिसात, दिनेश विजन की एक और अधूरी तमन्ना

Fri, 16 Jun 2023 08:56 AM IST
निधि पाल अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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जी करदा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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Movie Review
जी करदा
कलाकार
तमन्ना भाटिया , सुहैल नय्यर , आशिम गुलाटी , अन्या सिंह , हुसैन दलाल , संवेदना सुवालका और सिमोन सिंह व अन्य
लेखक
अब्बास दलाल , हुसैन दलाल और अरुणिमा शर्मा
निर्देशक
अरुणिमा शर्मा
निर्माता
दिनेश विजन
ओटीटी
प्राइम वीडियो
रिलीज
15 जून 2023
रेटिंग
1.5/5

अभिनेता विक्की कौशल और सारा अली खान की फिल्म 'जरा हटके जरा बचके' को हिट करने में निर्माता ने दिनेश विजान ने एड़ी चोटी की जोर लगा रखा है, लेकिन फिल्म के बॉक्स ऑफिस आंकड़े बताते हैं कि अभी तक यह फिल्म अपनी लागत तक नहीं निकाल पाई। दिनेश विजने की वेब सीरीज 'दिल करदा' भी अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो चुकी है। बिना सिर पैर वाली इस सीरीज की कहानी में न तो कोई ट्विस्ट है और न ही टर्न, सिवाय सेक्स और गाली गलौज के। 

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जी करदा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
वेब सीरीज 'जी करदा' की कहानी बचपन के सात दोस्तों के जीवन पर केंद्रित है,जिनका मानना है कि जब तक वह सभी 30 साल वर्ष के होंगे तब तक उनका जीवन बदल जाता है। बचपन में सातों दोस्त एक ज्योतिषी के पास जाते हैं और अपने भविष्य के बारे में पूछते हैं। ज्योतिषी सातों को एक एक बात बताता है कि जीवन में उन्हें किस चीज से सावधान होना है। सातों दोस्त ज्योतिषी की बात पर यकीन नहीं करते हैं। लेकिन दर्शक समझ जाते है कि आगे कहानी में क्या होने वाला है।

जी करदा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हुई सीरीज 'जी करदा' का नाम जैसा है। वैसे ही सीरीज की लेखक टीम के जी में जैसी  कहानी आई लिख दी। जिसकी न तो शुरुआत अच्छी है और न ही अंत। 'जी करदा' को एक सीरीज के बदले एक शो रील कहा जाए तो ठीक रहेगा। क्योंकि  इसमें  कई सीरीज की कहानी से छोटे छोटे टुकड़े उठाकर एक शो रील बना दिया गया। इस  सीरीज को देखना के बाद तो ऐसा लगता है कि तथाकथित सभ्य समाज में बात बात पर गाली देना उनकी एक संस्कृति बन गई है। शराब, सेक्स, अवैध संबंध, समलैंगिकता जैसे रिश्ते तो आम बात हो गए हैं। इसी बात को पूरी सीरीज में भुनाने की कोशिश की गई है। 

जी करदा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
शराब, सेक्स, अवैध संबंध, समलैंगिकता, गाली गलौज जैसी बातों को दिखाना बुरी बात नहीं है, माना जाता है कि समाज में जो हो रहा है,वैसे ही फिल्मकार दर्शकों के सामने  परोसते हैं। लेकिन इन सब चीजों का कहानी के साथ कोई तारतम्य तो होना चाहिए। तमन्ना भाटिया  ने लावण्या सिंह का किरदार निभाया है जो लिव इन रिलेशनशिप में सुहैल नय्यर( ऋषभ) के साथ रहती है। एक बार मान लेते हैं कि ऐसे संबंध में इंटीमेट सीन दिखाना निर्देशक की मजबूरी रही होगी,लेकिन बार -बार ऐसे दृश्य की पुनरावृत्ति हो या जरूरी नहीं। लावण्या अपनी शादी के दिन अपने होने वाले पति के दोस्त से ही अंतरंग संबंध बना लेती है। इसके पीछे निर्देशक की क्या सोच रही होगी, समझ में नहीं आता। 

जी करदा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अभिनेत्री तमन्ना भाटिया भले ही साउथ सिनेमा की बहुत बड़ी स्टार हैं,लेकिन हिंदी पट्टी में उनका जादू कभी नहीं चला। इस सीरीज से पहले उनकी फिल्म 'बबली बाउंसर' सिनेमाघरों में रिलीज न होकर ओटीटी प्लेटफार्म पर ही रिलीज हुई थी। सीरीज 'जी करदा' में सिवाय उनके अंतरंग दृश्यों के उनके परफॉर्मेंस में ऐसी कोई खास बात नजर नहीं आई। आशिम गुलाटी ने सिंगर की भूमिका निभाई है जो हमेशा नशे में धुत रहता है। 'ताज -डिवाइड ब्लड' में भी वह ऐसे ही नजर आए थे बस उसमे कास्ट्यूम अलग था। सुहैल नय्यर, अन्या सिंह, हुसैन दलाल, संवेदना सुवालका, सिमोन सिंह व सीरीज के बाकी कलाकारों ने अपने परफॉरमेंस से काफी निराश किया। स्क्रिप्ट रटकर संवाद बोल देना एक्टिंग नहीं होती है। किरदार की जो भाव भंगिमा होती है वह निखर आनी चाहिए। कम से इस बात का ख्याल डायरेक्टर अरुणिमा शर्मा को रखनी चाहिए था। लेखकों की टीम में से एक लेखक हुसैन दलाल ने सीरीज में खुद ही अभिनय किया,वह भी अपने किरदार को नहीं समझ पाए।
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जी करदा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आठ एपिसोड के इस सीरीज एक भी एपिसोड में ऐसा कोई टर्न और ट्विस्ट नहीं, जो दर्शकों को प्रभावित कर सके। सबसे बड़ी अपरिपक्वता डायरेक्टर अरुणिमा शर्मा की नजर आती हैं, उन्हें यह पता नहीं की एक एपिसोड कितने मिनट का रखना चाहिए। कोई एपिसोड 30 मिनट का है तो कोई एपिसोड 40 मिनट। कई  एपिसोड 30 और 40 मिनट के बीच हैं। उन्होंने अब्बास दलाल और हुसैन दलाल के साथ मिलकर कहानी जितनी लिखी उसको पूरा शूट करके अलग अलग एपिसोड बनती गई। सीरीज के ऐसे बहुत सारे अनावश्यक सीन है जिसे एडिट करके 30 मिनट का किया जा सकता था। यहां एडिटर की दाल नहीं गली होगी,क्योंकि उन्होंने वैसा ही किया होगा जैसा डायरेक्टर ने उन्हें निर्देश दिया होगा।

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