फिल्म 'फ्लैश' की कहानी बैरी एनल की है जो अपनी मां के कत्ल के आरोप में अपने पिता को बचाने की कोशिश करता है। बैरी एनल को पता है कि उनकी मां की हत्या उसके पिता ने नहीं की है। वह अपनी मां की हत्या को रोकने के लिए अतीत में टाइम ट्रेवल करता है। लेकिन मल्टीवर्स में टाइम ट्रेवल करते समय कुछ चीजें गलत हो जाती हैं। बैरी एनल वहां वह एक वैकल्पिक रियलिटी में फंस जाता है। वह वापस अपनी दुनिया में लौटने के लिए बैटमैन और सुपर गर्ल की मदद लेता है।
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इस फिल्म के माध्यम से एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की गई है कि हर समस्या का समाधान नहीं होता है। जीवन में कुछ चीजे ऐसी होती हैं, जिस पर आपका बस नहीं होता है। बैरी एनल टाइम ट्रेवल में जाकर कई चीजों को बदलना चाहता है, ताकि आने वाला भविष्य ठीक हो सके, लेकिन जो चीजें प्रकृति ने एक बार निर्धारित कर दी हैं उसे बदला नहीं जा सकता है। प्रकृति के नियम के अनुसार जीवन में जो घटनाएं घटित होने वाली है वह घटकर ही रहेंगी। उसे किसी भी तरह से नहीं रोका जा सकता है।
फिल्म के निर्देशक एंडी मुशिएती ने जिस तरह से 'द फ्लैश' को सुपरसोनिक गति से यात्रा करते दिखाया है वह काफी रचनात्मक और देखने में आकर्षक लगता है। इंटरवल के बाद फिल्म के भावनात्क सीन काफी प्रभावित करते हैं। रूस में एक्शन सीन दिलचस्प हैं, हालांकि पिछली सुपर हीरो फिल्मों में इस तरह के बेहतर दृश्य देखे गए हैं। प्री क्लाइमेक्स में सुपर मार्केट का सीन बहुत ही मार्मिक है, जब बैरी एनल अपनी मां से मिलता है। हेनरी ब्रहम की सिनेमैटोग्राफी बहुत कमाल की है, फिल्म के खतरनाक से खतरनाक दृश्यों की शूटिंग उन्होंने ऐसी की है कि लगता है वे घटनाएं हमारे सामने की घटित हो रही है। एलेक्जेंड्रा बायरन और रिंगवुड की वेशभूषा फिल्म की कहानी का एक हिस्सा लगते हैं। जेसन बैलेंटाइन और पॉल मैक्लिस का संपादन, फिल्म का वीएफएक्स बहुत कमाल का है।
अभिनेता एज्रा मिलर ने फिल्म में बैरी एनल की भूमिका निभाई है। इस फिल्म में उन्होंने दोहरी भूमिका बहुत ही प्रभावशाली तरीके से निभाई है। बेन एफ्लेक की फिल्म में छोटी सी बैटमैन की भूमिका में अपना जबरदस्त प्रभाव छोड़ा है। सुपर गर्ल की भूमिका साशा कैले के लिए फिल्म में कुछ ज्यादा करने को नहीं था, लेकिन स्क्रीन पर वह जितने देर भी नजर आई उतने देर तक दर्शकों को बांधे रखा। माइकल कीटक ने फिल्म में बहुत बड़ी गहरी छाप छोड़ी है। फिल्म के बाकी कलाकारों का भी परफार्मेस बहुत ही उम्दा है। यह फिल्म ही एक काल्पनिक दुनिया की सैर कराती है,लेकिन फिल्म के माध्यम से ऐसा संदेश देने की कोशिश की गई है, जो सोचने पर मजबूर कर देती है।
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