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Jayeshbhai Jordaar Review: कहानी चुनने के मामले में फिर चूके रणवीर, निर्माता और निर्देशक पर भरोसा पड़ा भारी

सार

पिछले 12 साल में अभिनेता रणवीर सिंह ने अपना एक मजबूत प्रशंसक वर्ग तैयार किया है। अपने अभिनय की विविधता बड़े परदे पर बार बार साबित करने वाले गिनती के अभिनेताओं में शामिल रणवीर सिंह ने अपनी पिछली फिल्म ‘83’ की तरह ही एक बार फिर फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ में शानदार अभिनय किया है। लेकिन, अपनी फिल्म की रिलीज से पहले रणवीर सिंह जिस तरह से गली गली बहुरुपिये बनकर घूमते हैं, उससे उनकी फिल्म देखने का चाव उनके कट्टर प्रशंसकों में भी फिल्म की रिलीज के दिन के आने तक कम हो जा रहा है।
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jayeshbhai jordaar review - फोटो : अमर उजाला
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Movie Review
जयेशभाई जोरदार
कलाकार
रणवीर सिंह , शालिनी पांडेय , बोमन ईरानी और रत्ना पाठक शाह
लेखक
दिव्यांग ठक्कर
निर्देशक
दिव्यांग ठक्कर
निर्माता
मनीष शर्मा
बैनर
यश राज फिल्म्स
रिलीज डेट
13 मई 2022
रेटिंग
2.5/5

विस्तार
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धीरे धीरे पुरानी होती जा रही हैं यश राज फिल्म्स की फिल्मों की कामयाबी की बातें। एक प्रोडक्शन कंपनी के तौर पर 50 साल पूरे कर रही यश राज फिल्म्स की पहचान अब किस तरह की फिल्में बनेंगी, ये अभी तय होना बाकी है। कंपनी के कर्ता धर्ता आदित्य चोपड़ा अपने कारोबार का विस्तार कर रहे हैं। ओटीटी तक कहानियां बना रहे हैं, लेकिन क्या आपको याद है यश राज फिल्म्स की किस आखिरी फिल्म को पूरे परिवार के साथ सिनेमाघर में देखने का आपका जोरदार मन किया था? यश राज फिल्म्स की ताकत रही इसकी पारिवारिक फिल्मों का गणित गड़बड़ा रहा है। यशराज फिल्म्स की स्थापना का ये 50वां साल है और ये साल इसकी आगे के 50 साल की दशा और दिशा तय करने वाला भी साल है। कंपनी ने पिछली गलतियों से सबक लेकर ही शायद अब बड़ी और विशाल फिल्मों पर ही फोकस रखने का फैसला किया है लेकिन अतीत के फैसले इस कंपनी को कभी ‘बंटी और बबली 2’ और कभी ‘जयेशभाई जोरदार’ जैसी फिल्मों के रूप में परेशान करते रहेंगे।

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Jayeshbhai Jordaar Review - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
बदलते दौर में पिछड़ती फिल्म
रणवीर सिंह अपनी पिछली फिल्म ‘83’ तक हिट की हैट्रिक पर सवार रहे। फिर कोरोना आया और लोगों के फिल्म देखने का नजरिया पूरी तरह बदल गया। कोई यकीन कर सकता है कि ‘83’ जैसी फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो सकती है भला! लेकिन, इसका संकेत इसके मेकर्स को पहले ही भांप लेना चाहिए था। विश्वस्तर पर लोगों की बायोपिक फिल्मों में दिलचस्पी बीते पांच साल से लगातार कम होती जा रही है। सोशल ड्रामा भी अब लोगों को पसंद नहीं आता। हां, फिल्म एक्शन हो, थ्रिलर हो या सोशल कॉमेडी हो तो उसकी कामयाबी की प्रायिकताएं (प्रोबैबिलिटी) बढ़ जाती हैं। फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ के साथ दिक्कत ये है कि जो कुछ इसे बनाने वाले फिल्म के ट्रेलर में दिखा चुके हैं, उससे ज्यादा कुछ फिल्म में दिखाने को है नहीं। ‘जयेशभाई जोरदार’ का ट्रेलर रणवीर सिंह के करियर की बेस्ट कमर्शियल फिल्म है। वह कहते भी हैं कि उनकी प्राथमिकताएं जीवन में विज्ञापन फिल्में रही हैं।

Jayeshbhai Jordaar Review - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
गुजरात की पृष्ठभूमि कमजोर कड़ी
फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ की कहानी बताना या लिखना जितना बोरिंग लग रहा है उतनी ही सुस्त ये फिल्म बन गई है। अपने बेटे के बेटे को अपना वारिस बनाने की सोच रखने वाला कोई शख्स गुजरात में है। परिवार उसका इस राज्य में जन्म पूर्व लिंग परीक्षण होने की बात भी करता है। गुजरात पर्यटन ने अपने प्रदेश की छवि सुधारने में जो सैकड़ों करोड़ रुपये अब तक दुनिया में खर्च किए हैं, फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ के निर्देशक दिव्यांग ठक्कर ने उनमें अपनी बस इस फिल्म से पलीता लगा दिया है। इतनी प्रतिगामी (रिग्रेसिव) सोच वाली कहानियों पर बने तो अब सीरियल भी नहीं चलते, फिल्म कैसे चलेगी? ये छोटा मोटा नहीं सौ करोड़ का सवाल है, जिसका जवाब देने की कोशिश जयेश अपनी अजन्मी बेटी को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगाकर करता इस फिल्म में दिखता है।

jayeshbhai jordaar review - फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म देखने की इकलौती वजह बने रणवीर
कोई 50 से 60 करोड़ रुपये में बनकर रिलीज हुई फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ को देखने का एक ही उत्साह है और वह हैं इसके अभिनेता रणवीर सिंह। 12 साल पहले मनीष शर्मा ने उनको बतौर हीरो लॉन्च करने की जिम्मेदारी निर्देशक के तौर पर संभाली थी, फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ के वही मनीष शर्मा अब फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ के निर्माता हैं। रणवीर ने मनीष के लिए अपने करियर का एक और बेहतरीन अभिनय किया है। देखा जाए तो पूरी फिल्म रणवीर ने अपन कंधों पर उठाने की कोशिश की है, लेकिन उनके साथी कलाकार फिल्म से उतना जुड़े नजर नहीं आते फिल्म में। शालिनी पांडे तक अपने अभिनय में अनिच्छा सी प्रकट करती नजर आती हैं। बोमन ईरानी से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद इस तरह के किरदारों में की जाती है। हिंदी सिनेमा को सहायक कलाकारों के मामले में रत्ना पाठक और बोमन से आगे अब निकलना ही होगा।

Jayeshbhai Jordaar Review - फोटो : सोशल मीडिया
यश राज फिल्म्स की बेहद कमजोर कहानी
फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ की सबसे कमजोर कड़ी है इसकी पटकथा जिसे सुनकर रणवीर सिंह खुद बताते हैं कि वह उछल पड़े थे। निर्माता मनीष शर्मा का भी दावा है कि इसे पढ़कर उन्होंने चार दिन के भीतर ही दिव्यांग को इस फिल्म के निर्देशन का जिम्मा सौंप दिया था। अगर यश राज फिल्म्स की क्रिएटिव टीम फिल्मों का चयन ऐसे कर रही है तो फिर इस टीम को बदलने की और विश्व सिनेमा पर नजर रखने वाले नए युवाओं को इस टीम में लाने की सख्त जरूरत है। फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ एक ओटीटी फिल्म भी बहुत मुश्किल से दिखती है। पटकथा के अलावा इसका निर्दशन और इसका संगीत भी कमजोर है। निर्देशक की पकड़ फिल्म से पहले 30 मिनट के बाद ही छूट जाती है। इसके बाद ये फिल्म सिर्फ और सिर्फ रणवीर सिंह के चलते दर्शकों को आखिर तक अटकाकर रख पाती है।
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Jayeshbhai Jordaar Review - फोटो : social media
देखें कि ना देखें
अगर आपने अरसे से कोई सामाजिक फिल्म सिनेमाघरों में अपने परिवार के साथ नहीं देखी है तो ये फिल्म आपके लिए टाइमपास का बहाना हो सकती है। अकेले फिल्म देखने के शौकीन लोगों को फिल्म बोरिंग लग सकती है। हां, गुजरात को नए नजरिये से देखना हो तो इसे जरूर देखें।
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