निर्माता-निर्देशकः इंद्र कुमार
सितारेः विवेक ओबेराय, रितेश देशमुख, आफताब शिवदासानी, उर्वशी रौतेला
रेटिंग *
पहली फिल्म हिट रहे और सीक्वल 100 करोड़ का कलेक्शन दिखा दे तो तीसरी कड़ी से कमाई का भरोसा कुछ भी करा सकता है। निर्देशक इंद्र कुमार इसी रास्ते पर बढ़े हैं। वह मस्ती तथा ग्रैंड मस्ती के बाद ग्रेट ग्रैंड मस्ती लाए हैं। परंतु यह कॉमेडी के नाम पर कुंठाओं से भरा सिनेमा है। जिसमें लोगों के नाम, छवि, उम्र तक का कोई लिहाज नहीं है।
फिल्म में एक नौकरानी का नाम शाइनी है और वह ऐक्टर शाइनी आहूजा की याद दिलाती है, जो अपने घर में काम करने वाली युवती से रेप के आरोप में जेल हो आए हैं। मामला अभी अदालत में है। यहां फिल्म की नायिका अंग प्रदर्शन करते हुए अश्लील संवाद बोलती है और आपको हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक रेखा की याद दिलाती है। बेशर्मी की सारी सीमाएं तब टूट जाती हैं जब उम्रदराज, वृद्ध स्त्रियों को भी इस सेक्स कॉमेडी का अंग बना दिया जाता है।
फिल्म की कहानी फिर से मीत, अमर और प्रेम की निजी जिंदगी की समस्या से शुरू होती है। तीनों के घर के हालात साला, साली और सास की वजह से ऐसे हैं कि पत्नियों के संग उन्हें अंतरंग समय नहीं मिल पा रहा। नतीजा यह कि वह बाहर तलाश शुरू कर देते हैं, जो उन्हें उस पुरानी हवेली में ले जाती है जहां पर गुजरे पचास साल से रागिनी (उर्वशी रौतेला) का भूत रह रहा है।