निर्माताः साजिद नाडियाडवाला
निर्देशकः रोहित धवन
सितारेः जॉन अब्राहम, वरुण धवन, जैकलीन फर्नांडिस, साकिब सलीम, अक्षय खन्ना, राहुल देव
रेटिंग **
ढिशुम देखना चाहते हैं तो थोड़ी तसल्ली रखें। इसके लिए मारा-मारी की जरूरत नहीं। यह एक औसत मसाला फिल्म है, जिसे देखने का मजा तभी है जब आपको लगे कि जेब काफी माल है और इसे थोड़ा ढीला करने से घर के बजट पर खास फर्क नहीं पड़ेगा। कहानी संक्षेप में आकर्षित करती है मगर जब आप उसे पर्दे पर रूप-आकार लेते देखते हैं तो कुछ ठगा-सा महसूस करते हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम खाड़ी देश में खेल रही है। त्रिकोणीय टूर्नामेंट में भारत को फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ना है। तभी टीम का टॉप फॉर्म बल्लेबाज विराज शर्मा (साकिब सलीम) गायब हो जाता है। भारतीय विदेश मंत्री के ई-मेल पर एक वीडियो आता है जो बताता है कि विराज को एक सनकी फैन ने उठा लिया है। उसका कहना है कि अगर मैच कैंसिल किया गया तो वह खिलाड़ी को खत्म कर देगा!
खाड़ी देश की सरकार से बात करते हुए विदेश मंत्री कहती हैं कि यह मामला संभालने के लिए उनका एक खास अफसर वहां पहुंचेगा। यह है कबीर (जॉन अब्राहम)। दुबई में कबीर को भारतीय मूल के जूनियर अफसर जुनैद (वरुण धवन) का साथ मिलता है। विराज की खोज के सफर में उन्हें भारत से फरार बार-बार नाम बदलने वाली एक अमीर लड़की (जैकलीन फर्नांडिस) मिलती है। आखिर क्या है विराज के खोने का सच...?