-निर्माताः सलमान खान/रॉकलाइन वेंकटेश
-निर्देशकः कबीर खान
-सितारेः सलमान खान, करीना कपूर, हर्षाली मल्होत्रा, नवाजुद्दीन सिद्दिकी
रेटिंग ***
यह सीधी-साफ कहानी है। पवन कुमार चतुर्वेदी (सलमान खान) भोला है। ईमानदार है। दुनियादारी की पढ़ाई में कच्चा है मगर दिल का सच्चा है। वह हनुमान जी का इतना बड़ा भक्त है कि सब उसे बजरंगी बुलाते हैं।
जब पाकिस्तान से आई एक मां की छह साल की बच्ची (हर्षाली) भारत में छूट जाती है तो उसके परिवार वाले कहते हैं कि कोई तो नेक इंसान उसे हिंदुस्तान में मिल ही जाएगा। बच्ची को नेक बजरंगी मिलता है। बच्ची गूंगी है, बता नहीं सकती कि उसका देश पाकिस्तान है।
लेकिन जब पता चलता है तो बजरंगी उसे घर पहुंचाने की ठान लेता है। लेकिन काम आसान नहीं है क्योंकि पासपोर्ट नहीं है। वीजा नहीं है। अंततः बजरंगी सीमा पर बनी एक सुरंग के रास्ते पाकिस्तान पहुंचता है। मिशन पूरा करने में उसे एक पाकिस्तानी पत्रकार (नवाजुद्दीन सिद्दिकी) की मदद मिलती है। इस बीच....
हर्षाली की प्यारी मुस्कान जी चुरा लेगी
रसिका (करीना कपूर) के साथ बजरंगी की लव स्टोरी भी चलती है। फिल्म कॉमेडी नहीं है, लेकिन इसका अंदाज कॉमिक है। बजरंगी भाईजान एक मानवीय फिल्म है। उसका संदेश स्पष्ट है। बुनावट में पेच नहीं हैं। सलमान से जैसी सब उम्मीद करते हैं, उन्होंने वैसा काम किया है।
नन्हीं बच्ची के लिए बड़े जोखिम उठाए हैं। वे उसके मामा तक बन गए हैं। मार-पीट करने वाले ऐक्शन हीरो के दर्जे से नीचे आकर पिटते हुए दिखे हैं। उन्होंने दरवेश का सा भेस भी धरा है। कुल मिला कर सब कुछ ऐसा है कि अतीत और वर्तमान के पन्नों को आप भूल जाएं।
जो सामने है, सिर्फ उसे देखें। अगर आप ऐसे देखेंगे तो फिल्म दिल में उतरेगी। हर्षाली की प्यारी मुस्कान जी चुरा लेगी। करीना की बड़ी-खूबसूरत आंखें और गोल-गोरे गाल धड़कन तेज कर देंगे। नवाजुद्दीन का अंदाज मन मोह लेगा।
फिल्म की लंबाई कहीं खटक सकती है
वैसे इन बातों के बीच फिल्म की लंबाई कहीं खटक सकती है। बीते सप्ताह की बाहुबली में दो घंटे 40 मिनट जहां पंख लगा कर उड़ जाते हैं, वहीं बजरंगी में इतना ही वक्त हौल-हौले चलता है। कुछ गाने गैर जरूरी हैं तो कुछ दृश्य खिंचे हुए।
लेकिन बॉलीवुड में मान्यता है कि दर्शक सितारे को देखने आते हैं, कहानी नहीं। अतः आप सलमान के फैन हैं और उनकी फिल्मी छवि को जीवन में फॉलो करते हैं तो यह फिल्म किसी धर्म ग्रंथ की तरह राह दिखाएगी। अच्छे रास्ते पर ले जाएगी। अच्छा इंसान बनने को प्रेरित करेगी।
बजरंगी भाईजान सलमान के बीईंग ह्यूमन ब्रांड सिनेमा की ही नई कड़ी है
निःसंदेह यह फिल्म सलमान की बॉडीगार्ड, जय हो और किक जैसी फिल्मों से बेहतर है। जिसका श्रेय निर्देशक कबीर खान को जाता है। इसके बावजूद यह बात नजरअंदाज नहीं की जा सकती कि बजरंगी भाईजान सलमान के बीईंग ह्यूमन ब्रांड सिनेमा की ही नई कड़ी है। जिसकी रेंज सीमा पार तक है।
उम्मीद करें कि इसके बाद उनके ठप्पे वाले कपड़े पाकिस्तान में खूब अच्छे से बिकेंगे। पाकिस्तानी करेंसी में उन्हें अच्छी कीमत मिलेगी। बिजनेस के बीच सरहद नहीं आती, इसलिए अगर हीरो कपड़ों के साथ सौहार्द्र और भाईचारे का संदेश भी बेच ले तो इसे कपड़ों पर लगा परफ्यूम माना जाना चाहिए।
इस परफ्यूम में पड़ोसी के धोखे और बारूद की गंध कम से कम तीन घंट के लिए तो मिट ही जाती है। फिर भले ही आप जाप करते रहेः संकट कटे मिटे सब पीरा, जो समिरै हनुमत बलबीरा।