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बाहुबलीः हॉलीवुड को भारत का जवाब है, देखने से पहले पढ़िए समीक्षा

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निर्माताः शोबू यारलगड्डा
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निर्देशकः एसएस राजामौली
सितारेः प्रभास वर्मा, राणा डग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया, रमैया कृष्णन
रेटिंग ***1/2

सिनेमा अगर देख कर सुख लेने का माध्यम है तो बाहुबली इसका सटीक उदाहरण है। सिर्फ देखते रहिए। उसमें खो जाइए। कहानी भले ही हौले-हौले बढ़े मगर फंतासी दृश्यों में इतनी ताकत है कि आप दम साधे रहते हैं। सिनेमाई तकनीक के शीर्ष पर फहराते हुए ध्वज की तरह है बाहुबली। मूल रूप से यह तमिल और तेलुगु में बनी है।

एसएस राजामौली बॉलीवुड के नहीं हैं। फिल्म का हिंदी डब संस्करण कहीं-कहीं तब खलता है जब बातों का सिगनल थोड़ा ड्रॉप होता मालूम पड़ता है। आप तमिल-तेलुगु जानते हैं तो बाहुबली को देखते हुए समाधि की अवस्था में पहुंच सकते हैं। अगर आप इन भाषाओं को नहीं समझते, तब भी पर्दे पर चल रहा जादू मन मोह लेगा।
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बाहुबली ऐतिहासिक कथानक का सिनेमा है। माहिष्मति राज्य के दुधमुंहे वारिस शिवा (प्रभास वर्मा) के साथ अन्याय हुआ है। उसका क्रूर चाचा भल्लल देव (राणा डगुग्बाती) माहिष्मति पर राज कर रहा है। शिवा को अपने साथ हुए अन्याय की खबर नहीं क्योंकि वह महल से दूर जंगल-गांव में पला-बढ़ा है। परंतु जब वह माहिष्मति पहुंचता है तब उसके सामने अतीत के पन्ने खुलते हैं।

कल्पना आगे जाती है बाहुबली की कहानी

शिवा के पिता राजा अमरेंद्र बाहुबली (प्रभास वर्मा) की कहानी सामने आती है। कहानी आपको भले ही अमर चित्रकथा की तरह मालूम पड़े लेकिन इसे जिस ढंग से फिल्माया गया है, वह अत्याधुनिक है। आसमान को छूते हुए ऊंचे जल प्रपात, घने जंगल, नायक को फंतासी में दिखने वाली नायिका से लेकर पूरी माहिष्मति नगरी, उसके भव्य महल, भल्लाल देव की सैकड़ों फुट ऊंची स्वर्ण प्रतिमा और भीषण युद्ध के दृश्य, व्यूह रचनाएं, युद्ध में इस्तेमाल होने वाले अस्त्र-शस्त्र।

अकल्पनीय से लगते दृश्यों को निर्देशक ने अपनी टीम के साथ बेहद खूबसूरती के साथ साकार किया है। बाहुबली दो खंडों में बन रही कहानी का पहला हिस्सा है। पहला खंड देखने के बाद आपको यह जानने की उत्सुकता 2016 में भी सिनेमाघर में ले जाएगी कि राजा अमरेंद्र बाहुबली के साथ उसके गुलाम ने क्यों विश्वासघात किया? भल्लल देव का क्या हुआ?
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सभी कलाकारों का काम अच्छा है

सभी कलाकारों का काम अच्छा है। प्रभास हिंदी के दर्शकों के लिए नए हैं मगर राणा को सब पहचानते हैं। दोनों राजपुत्रों की तरह दिखे हैं और सिक्स पैक्स के प्रदर्शन के बिना भी प्रभाव छोड़ते हैं। बाहुबली देश की सबसे महंगी फिल्म बताई जा रही है, जिसका निर्माण 250 करोड़ रुपये में हुआ है। फिल्म में खर्च दिखता है। यह उन बॉलीवुड फिल्मों की तरह नहीं है कि जिनमें बताए गए बजट के मुताबिक लुक नजर नहीं आता।

बाहुबली को हिंदी के दर्शकों तक पहुंचाने का जिम्मा करन जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस ने लिया है। परंतु दुखद है कि इसके प्रचार-प्रसार में इस कंपनी की किसी दोयम दर्जे की फिल्म के प्रमोशन से आधा प्रयास भी नजर नहीं आया। ऐसे में फिल्म का बॉक्स ऑफिस भविष्य समीक्षकों और मौखिक प्रचार के भरोसे है।
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