ड्यून प्रोफेसी (वेब सीरीज)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
वेब सीरीज ‘ड्यून प्रोफेसी’ 10 हजार साल पहले की कहानी है। यानी भारतीय दृष्टिकोण से देखें तो महाभारत काल से भी पहले की। सीरीज बताती है कि इंसानियत एआई से लड़कर बची है। जी हां, चौंकिए मत। इस सीरीज की कहानी वहीं से शुरू हो रही है, जहां इंसानों और अक्लमंद मशीनों की जंग खत्म होकर बस रुकी भर है। ‘ड्यून’ सीरीज की फिल्मों में दिखती रहीं सिस्टर्स का गंगोत्री इस सीरीज में खुलती है। ये कौन हैं, कहां से आई हैं, क्यों आई हैं, सबका जवाब ये सीरीज देती है। सीरीज ये भी बताती है कि सत्ता के लिए राजा, महाराजा तो छल प्रपंच कर ही सकते हैं, गुरुकुल जैसे स्थानों पर रहने वाली ये योगबालाएं भी कम नहीं हैं।
ड्यून प्रोफेसी (वेब सीरीज)
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आवाज से दूसरों पर काबू पाने की पहली झलक भी सीरीज में आती है, जब मदर सुपीरियर बनने से पहले वाल्या किलर सुपीरियर बनती दिखती है। उसके सीने में आग है। इरादों में जिद है और वह अपने परिवार का रुतबा फिर से बनाना चाहती है। उसकी बहन सिस्टर तुला भी है। परंपरा यही रहीं है कि ये योगबालाएं धरती के सर्वोत्तम शुक्राणु और अंडाणु तलाशकर भावी राजाओं की पहचान करती हैं। और इसके लिए भले ही एक वयस्क हो चुकी राजकुमारी का विवाह एक छुटकू राजकुमार से ही क्यों न करना पड़े?
ड्यून प्रोफेसी (वेब सीरीज)
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चौंकिए मत, क्योंकि ऐसे चौंकाने वाले मसले वेब सीरीज ‘ड्यून प्रोफेसी’ के पहले एपिसोड में दर्जन भर है। ‘ड्यून वन’ और ‘ड्यून 2’ के पहले की कहानियां गढ़ती इस सीरीज का आधार उपन्यास ‘ग्रेट स्कूल्स ऑफ ड्यून’ को बनाया गया है जिसे फ्रैंक हरबर्ट के बेटे ब्रायन ने लिखा है। ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ सरीखे मकड़जाल में दर्शकों को उलझाती चलती ये कहानी बहुत खतरनाक है। ये दर्शकों को पहले एपिसोड के उत्तरार्ध में आकर मालूम होता है। योगबालाओं के बीच रहकर प्रशिक्षण पा रही राजकन्या जब रात के उजालों में दिल के अंधेरों पर काबू नहीं पा पाती है और अपने अस्त्र प्रशिक्षक के दैहिक सम्मोहन में बह जाती है, तो कहानी आगे चंद्रकांता सी बलखाने का इशारा करके ठिठक जाती है।
ड्यून प्रोफेसी (वेब सीरीज)
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वेब सीरीज ‘ड्यून प्रोफेसी’ का पहला एपिसोड एमिली वाटसन और ओलिविया विलियम्स के हवाले है। दोनों ने शानदार काम किया है। दोनों के किरदार एक ऐसी षडयंत्रकारी सत्ता के संचालन का संकेत देते रहते हैं जिन्हें देखना और महसूस करना एक अलग अनुभव देता है। जिन लोगों ने ‘ड्यून’ सीरीज की दोनों फिल्में देखने के बाद इस सीरीज को देखना शुरू किया है, उनके लिए ये सीरीज काफी मनोरंजनक होगी। और जो सीधे ये सीरीज से ही इस कहानी को देखना शुरू कर रहे हैं, उनके लिए इस संसार को समझने की शुरुआती परेशानियों के बाद मसला रास्ते पर आ जाता है। किसी कहानी में संगीत कैसे इसकी रूह बनकर शरीर को सुंदर बनाने का काम कर सकता है, वेब सीरीज ‘ड्यून प्रोफेसी’ से सीखा जा सकता है। सीरीज की प्रोडक्शन डिजाइन काबिले तारीफ है और इसकी सिनेमैटोग्राफी अव्वल नंबर।