डिजिटल एंटरटेनमेंट में ओटीटी पर इतना अथाह कंटेंट भरा पड़ा है कि वेब सीरीज के लिए कुछ नया कंटेंट बना पाना ही सबसे बड़ी चुनौती है। अपराधियों की खोज में लगी पुलिस पर दर्जनों वेब सीरीज हैं। प्राइम वीडियो के लेथल वेपन से लेकर नेटफ्लिक्स के ब्लैकलिस्ट के बीच अभय के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि इसका हिंदी कंटेंट उन विदेशी सीरीज के सामने कैसे टिकेगा, जो अब हिंदी डबिंग या हिंदी सब टाइटल्स के साथ पहले से डिजिटल पर मौजूद हैं।
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Kunal Kemmu
- फोटो : social media
छोटे परदे पर थ्रिलर सीरीज बनाने की शुरूआत करने वाले बी बी सिंह के कॉन्सेप्ट पर बनी इस वेब सीरीज के पहले एपीसोड में फिलहाल ऐसा कुछ नया नहीं दिखता जो चौंकाने वाला हो। रहस्यमयी अपराधों को सुलझाने की कोशिश करती एक स्पेशल टास्क फोर्स। काम के तनाव के बीच सिर उठाती घरेलू दिक्कतें। और, इन दोनों के बीच उलझी एक कहानी।
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Kunal Kemmu
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किसी भी सीरीज के शुरूआत एपीसोड से सीरीज के बारे में धारणा बनाना ठीक भी नहीं लेकिन पायलट एपीसोड से ये माना जाता है कि वह कम से कम किरदारों का ग्राफ तय करता है और उनकी खासियतों के बारे दर्शकों को बताता है। विचार के स्तर पर ही बासी दिखती सीरीज की ताजगी इसके कलाकार हैं। कुणाल खेमू दमदार अभिनेता हैं।
वेब सीरीज में वह कमाल कर सकते हैं, बशर्ते उनका व्यहार वैसा न रहे जिसकी वजह से बड़े परदे पर उनका करियर गिनती की फिल्मों तक सिमट गया संदीपा धर के अभिनय में भी दम दिखता है। ऐसी वेब सीरीज में बैकग्राउंड म्यूजिक का अहम रोल रहता है, उम्मीद है जी5 की क्रिएटिव इस तरफ खास ध्यान देगी। बांग्लादेश और श्रीलंका में नंबर वन बन चुके इस ओटीटी से देश में भी उम्मीदें बहुत हैं।