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Song review: फरमे में फिट अरिजीत की आवाज का एक और नमूना कलंक का टाइटिल ट्रैक

Wed, 03 Apr 2019 06:58 AM IST
anand anand मुंबई डेस्क, अमर उजाला
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Alia Bhatt - फोटो : amar ujala mumbai
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डिजिटल रिव्यू: कलंक टाइटिल ट्रैक (गाना)
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कलाकार: अरिजीत सिंह (गायक), अमिताभ भट्टाचार्य (गीतकार), प्रीतम (संगीतकार), वरुण धवन, आलिया भट्ट (अदाकार)
यूट्यूब चैनल: जी म्यूजिक कंपनी


‘जो तेरे ना हुए तो, किसी के ना रहेंगे, दीवानी तू मेरी, मैं तेरा पागल पिया..’  फिल्म कलंक की सुर लहरियों को घर मोरे परदेसिया से आगे बढ़ाता गाना है कलंक का ये टाइटल ट्रैक, कलंक नहीं इश्क है काजल पिया। अरिजीत सिंह की फरमे में फिट हो चुकी आवाज के साथ ये गाना जी म्यूजिक कंपनी ने अपने ऐलानिया वक्त से 24 घंटे बाद रिलीज किया है।

तमाम सुपरहिट फिल्में बना चुके करण जौहर आलीशान और परदे पर भव्यता की ऊचाइंयां दिखाने वाली फिल्में पहले भी बनाते रहे हैं। इस फिल्म में उन पर संजय लीला भंसाली के सिनेमा की नकल उतारने के आरोप लग रहे हैं तो इसकी वजह अब तक रिलीज हुए गानों और टीजर के फ्रेम, सेट्स और स्लो मोशन का भंसाली की फिल्मों जैसा होना ही रहा है।
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कलंक नहीं इश्क है काजल पिया, पूरा गाना अगर ध्यान से सुनें तो इसमें इश्क की जगह प्रेम शब्द ज्यादा मुफीद होता लेकिन गीतकार अमिताभ भट्टाचार्य ने शायद इसे फिल्म में वरुण धवन के किरदार के हिसाब से फिट करने की कोशिश की है। नमाज से पहले वजू करता वरुण धवन का किरदार जब हवाओं की, घटाओं की, बरखा की, बादल की बात कह सकता है तो फिर प्रेम की जगह इश्क पर जोर देना इतना जरूरी भी नहीं लगता।
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इस गाने के संगीतकार के तौर पर भले प्रीतम का नाम दिया गया हो लेकिन गाने में हारमोनियम बजाने और इसकी प्रोग्रामिंग और अरेंजिंग का क्रेडिट भी अरिजीत ने अपने पास ही रखा है। अरिजीत की आवाज में खलिश तो है लेकिन मुकेश से लेकर मोहम्मद अजीज तक सबने हमेशा एक ही मीटर के गाने नहीं गाए। अरिजीत अपने तयशुदा मीटर में पूरी तरह बंध चुके हैं, और यह उनके जैसे काबिल गायक के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है।
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