अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रिलीज हुई इस फिल्म को महिला सशक्तीकरण के एक बड़े वक्तव्य के रूप में खूब प्रचारित किया गया। हॉलीवुड फिल्मों और खासतौर से सुपरहीरो फिल्मों के प्रशंसकों के लिए कैप्टन मार्वल एक ऐसा पैमाना भी है जो डीसी कॉमिक्स और मार्वल कॉमिक्स के बीच दशकों से चली आ रही जंग को भी आंकने का मौका भी देता है। डीसी कॉमिक्स की वंडर वूमन और मार्वल कॉमिक्स की कैप्टन मार्वल में कौन बेहतर है, इस बहस में न भी जाएं तो भी कैप्टन मार्वल रहस्य, रोमांच और रिश्तों की अच्छी कहानी बन पड़ी है।
अंतरिक्ष की एक अनजान बस्ती में अज्ञात कारणों से आ पहुंची वीयर्स को गुस्सा बहुत आता है। उसे पता है कि उसके पास कुछ अदम्य शक्तियां हैं लेकिन उन्हें अपने हिसाब से प्रयोग करना उसे नहीं आता। स्टारफोर्स उसे बताता है, एक योद्धा के लिए उसका सबसे बड़ा दुश्मन है उसका भावुक होना। वीयर्स उर्फ कैरल डेनवर्स उर्फ कैप्टन मार्वल को अपनी ताकत का एहसास होता है। धमनियों में दौड़ते नीले द्रव्य का भान होता है और हाथों से निकलते ऊर्जा पुंजों की शक्ति का अर्थ भी उसे समझ आता है। दर्शकों को समझ आता है मार्वल सिनेमैटिक यूनीवर्स में उसके आगमन का मतलब, फिल्म खत्म होने के बस कुछ मिनट पहले।
कैप्टन मार्वल का किरदार कर रहीं ब्री लार्सन और इस फिल्म को निर्देशित कर रही जोड़ी एना बॉडेन व रयान फ्लिक तीनों का इतने बड़े पैमाने पर बनी किसी फिल्म का ये पहला अनुभव है। ऑस्कर जीत चुकीं ब्री मानवीय संवेदनाओं वाले किरदारों के लिए जानी जाती रही हैं। कैप्टन मार्वल बनना उनके लिए आसान नहीं रहा है लेकिन फिल्म देखने के बाद ये भी समझ आता है कि इस किरदार के लिए उनसे बेहतर दूसरी अभिनेत्री शायद ही हो। सबसे शक्तिशाली सुपरहीरो के तौर पर वह खुद को दमदार तरीके से पेश करती हैं। हां, फिल्ममेकर्स शायद ये भूल गए कि ट्रेन की छत वाला स्टंट दर्शकों को जेम्स बॉन्ड कब का दिखा चुका है।
एवेंजर्स की टीम के हर सदस्य की कहानी शुरू करते समय मार्वल स्टूडियोज ने इस बात का ध्यान अब तक की सारी फिल्मों में रखा कि हर किरदार को करीने से गढ़ा जाए। उसकी शक्तियां भी अजूबा हों और उसकी कोई न कोई कमजोरी भी जरूर हो और साथ हो हास्य की ऐसी छौंक जो एक्शन से लबरेज इन फिल्मों के दर्शकों को बीच बीच में गुदगुदाती रहे। यहां ये काम फिर से निक फ्यूरी के जिम्मे है। 90 के दशक में रची गई इस कहानी के लिए निक फ्यूरी बने सैमुअल को कम्प्यूटर तकनीक के सहारे परदे पर जवान किया गया है। सिर पर बाल हैं। आंख पर लगा काला पट्टा गायब है। और, निक फ्यूरी किसी भी दूसरी फिल्म से ज्यादा आकर्षक दिखता है। मार्वल के नाम को लेकर निक और कैरल की बहस छोड़ दें तो बाकी के जितने भी दृश्यों में दोनों साथ आते हैं, कमाल करते हैं।
निर्देशक जोड़ी एना बॉडेन और रयान फ्लिक की ये पहली मेगा बजट फिल्म है लेकिन इसके बावजूद दोनों ने अपनी खास शैली यानी जज्बात की बात को इस फिल्म में भी बरकरार रखा है। फिल्म के एक्शन सीन्स हैरतअंगेज हैं। फिल्म की गति रोमांच पैदा करती है। हां, मेकअप डिपार्टमेंट कहीं कहीं गड़बड़ करता है लेकिन बैकग्राउंड म्यूजिक का शोर बाकी कुछ समझने का मौका देता नहीं हैं। मार्वल के दीवानों के लिए ये फिल्म थोड़ी कमजोर लग सकती है लेकिन ऐसा जानबूझकर इसलिए भी किया गया है क्योंकि कैप्टन मार्वल का असली करिश्मा तो एवेंजर्स: एंडगेम में होना है। अमर उजाला डॉट कॉम के मूवी रिव्यू में फिल्म कैप्टन मार्वल को मिलते हैं तीन स्टार।