एस्टेरिक्स एंड ओबेलिक्स द मिडिल किंगडम रिव्यू
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
चीन पहुंचे एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स
'एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स द मिडिल किंगडम' की कहानी एक चीनी राजकुमारी फू यी से जुड़ी हुई है। फू यी चीनी सम्राट हान जुआंडी की इकलौती बेटी की है जो एक सख्त राजकुमार से बचकर गॉल भाग जाती है। गॉल पहुंच कर वह एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स से अपने साम्राज्य को बचाने के लिए मदद मांगती हैं। एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स गॉल के बहादुर योद्धा हैं। दोनों एक ऐसे जादुई पेय का सेवन करते हैं जिससे बुहुत अधिक शक्तिशाली बन जाते हैं। अपने पराक्रम से वह दोनों चीनी साम्राज्य को दुश्मनों से आजादी दिलाते हैं।
एस्टेरिक्स एंड ओबेलिक्स द मिडिल किंगडम रिव्यू
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पूरा जोर फिल्म को मनोहारी बनाने पर
जिन लोगों ने एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स की कॉमिक बुक्स और अब तक रिलीज हुई फिल्मों की सीरीज फॉलो नहीं किया है उनके लिए यह फिल्म समझना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन, निर्देशक गिलोम कैनेट ने इस फिल्म को नयनाभिराम बनाते हुए साथ में हास्य का भरपूर ख्याल रखा है। फिल्म के किरदार मजाकिया हैं और पर्यावरण मनोहर। विजुअल्स के मामले में फिल्म को अव्वल नंबर है बस चूंकि ये फिल्म सौ फीसदी कॉमिक बुक की कहानी है सो इसे देखना मनोरंजन के लिहाज से एक बड़ा टास्क भी है।
एस्टेरिक्स एंड ओबेलिक्स द मिडिल किंगडम रिव्यू
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मुख्य किरदारों की कमजोर कहानी
एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स ऐसे किरदार हैं जिनके साथ लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। और, जहां भावनाएं जुड़ी होती हैं वहां किसी भी तरह की छोटी सी गलती भी फिल्म के लिए भारी पड़ सकती है। और ऐसा ही हुआ। फिल्म की कहानी एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स के इर्द गिर्द घूमनी चाहिए लेकिन यहां फिल्म में चीनी राजकुमारी पर ज्यादा जोर दिया गया है। सीरीज के प्रशंसक पूरी फिल्म के दौरान धांसू एक्शन का इंतजार करते हैं। लेकिन, देर तक कोई बड़ा एक्शन सीन देखने को नहीं मिलता है। एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स के नाम पर बनी यह फिल्म इन दोनों के किरदारों के साथ ही इंसाफ नहीं कर पाती है। और, इस मामले में इसकी कहानी, पटकथा और संवाद लिखे वाली टीम फेल नजर आती है।