एलियन रोमुलस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
एक नए हॉरर यूनीवर्स के जन्म का संकेत
फिल्म ‘एलियन रोमूलस’ की कहानी इस एलियन हॉरर यूनिवर्स के उस कालखंड की है जब किसी तरह एलियंस एक स्पेसशिप में पहुंच चुके हैं और अब उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। साल 1979 में आई पहली ‘एलियन’ और 1986 में आई फिल्म ‘एलियन्स’ के बीच के कालखंड साल 2042 में गढ़ी गई फिल्म ‘एलियन रोमूलस’ से संकेत ये भी मिलता है कि मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की तरह यहां भी शायद एक नए मल्टीवर्स की संरचना हो रही है। एक्समेन की पहुंच एमसीयू तक हो चुकी है। क्या जेनो मॉर्फ की एंट्री भी एमसीयू में आगे चलकर होगी? अभी कुछ भी कहा नहीं जा सकता। लेकिन, ऐसा होगी ही नहीं ये भी कहना अब मुश्किल है।
एलियन रोमुलस
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सूरज की चाह में निकले युवा बागी
साल 2042 की कहानी कहती फिल्म ‘एलियन रोमूलस’ एक ऐसे ग्रह पर शुरू होती है जहां सूरज का दिखना किसी जश्न से कम नहीं होता। रेन को सूरज देखना अच्छा लगता है और रिश्तों में सबसे अच्छा उसे कोई लगता है तो वह है उसका भाई एंडी, जिसके पास हर ताले की चाभी है। एंडी दरअसल इंसान नहीं है। उसे रेन के माता पिता ने तैयार किया एक ऐसे रोबोट की तरह जो उनकी बेटी की रक्षा करता रहे। रेन और एंडी इस दुनिया के तीन और युवाओं के साथ यहां से भाग निकलते हैं। लक्ष्य है उनकी धरती के ऊपर भटक रहे एक लावारिस स्पेसशिप की उस संरचना की चोरी करना, जिसमें बैठकर वह अपने घर वापस लौट सकते हैं।
एलियन रोमुलस
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कमजोर दिल के दर्शक इसे न देखें
अपने फायदे के लिए कॉरपोरेट दुनिया क्या कुछ कर सकती है? और, इन कोशिशों के बीच इंसान के जान की कीमत क्या है, ये बात फिल्म ‘एलियन रोमूलस’ भी समझाती है, इस फ्रेंचाइजी की पहले की फिल्मों की तरह। फायदे के लिए बनी मशीनें और इन मशीनों को मिला इंसानी स्वरूप क्या आगे चलकर इंसानी सभ्यता को बनाए रखेगा या फिर कंपनी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए रिश्ते-नाते सब रीबूट कर देगा, इस अंतर्धारा के साथ चलने वाली ये फिल्म कमजोर दिल वालों के लिए कतई नहीं है। अगर आप में डरावने और घिनौने दृश्य देखने की कूवत नहीं है, तो कृपया इस फिल्म को बिल्कुल न देखें। ये फिल्म नई पीढ़ी के उन लक्षित दर्शकों के लिए बनी है, जो वीडियो गेम्स में हिंसा और घिनौने दृश्यों के आदी हो चुके हैं।
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चुस्त निर्देशन में फेडे को सौ नंबर
‘एविल डेड’ और ‘डोंट ब्रीद’ की शोहरत के साथ ‘एलियन रोमूलस’ बनाने वाले निर्देशक फेडे अल्वारेज ने अपनी पिछली दोनों फिल्मों की परंपरा को इस फिल्म में इस लिहाज से कायम रखा है कि फिल्म के क्लाइमैक्स और उसके पहले के प्री क्लाइमेक्स में वह मजबूत से मजबूत कलेजे वाले इंसान को भी हिलाने में कामयाब रहे हैं। उनके पास एक ऐसी फ्रेंचाइजी को रीबूट करने की जिम्मेदारी रही है, जिसकी कहानी पिछली छह फिल्मों में कभी तो छलांगें मारती नजर आई और कभी बॉक्स ऑफिस का बड़ा ढप्पा भी बनी। लेकिन, डिज्नी की इन दिनों पांचों अंगुलियां घी में हैं। बीता साल उनका ज्यादा अच्छा नहीं गया, पर इस साल ‘डेडपूल एंड वूल्वरीन’ से शुरू हुआ जश्न ‘एलियन रोमुलस’ के बाद ‘मोआना 2’ होते हुए जब ‘मुफासा’ पर पहुंचेगा तो शायद कोरोना संक्रमण काल का ये डिज्नी का सबसे बेहतरीन साल बन जाएगा। टचवुड!
एलियन रोमुलस
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केयली स्पेनी की एक और मजबूत अदाकारी
बीते साल फिल्म ‘प्रिसिला’ में अपने अभिनय से खूब वाहवाही लूटने वाली अभिनेत्री केयली स्पेनी के लिए साल 2024 भी शानदार ही जा रहा है। पहले फिल्म ‘सिविल वॉर’ और फिल्म ‘एलियन रोमूलस’, दोनों में केयली का करिश्मा दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता है। वह एक मिशन पर आई मित्र मंडली की सदस्य हैं और इस बात से अनजान कि ये मंडली बस चंद घंटों की ही मेहमान है। मंडली में कौन बचेगा, और कौन एलियन्स का शिकार बनेगा, इस घटनाक्रम के साथ उनका रेन का किरदार सीन दर सीन अपने रूप बदलता जाता है और यही इस किरदार की असल मजबूती है। केयली का साथ ‘सिथेंटिक’ एंडी के रूप में डेलिन जॉनसन ने बहुत ही शानदार तरीके से दिया है।
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सरकटा से सौ गुना ज्यादा डरावना एलियन
चुस्त पटकथा पर शानदार तरीके से फिल्माई गई फिल्म ‘एलियन रोमूलस’ बनाने में इसके निर्देशक अपनी तकनीकी टीम खासतौर से इसके सिनेमैटोग्राफर गालो ओलिवारेस और संगीतकार बेंजामिन वालफिश्च से बढ़िया मदद मिली है। फिल्म ‘एलियन रोमूलस’ अमेरिका में बीते हफ्ते ही सिनेमाघरों मे रिलीज हो चुकी है। वहां इसे मिली शानदार ओपनिंग को देखते हुए लगता तो यही है कि ये फिल्म श्रद्धा कपूर की फिल्म ‘स्त्री 2’ के कारोबार पर असर डालेगी। ‘स्त्री 2’ का सरकटा अगर आपको डराने में कामयाब रहा है तो ‘एलियन रोमूलस’ उससे सौ गुना ज्यादा डरावना है।