भारत की तरफ से ऑस्कर के लिए भेजी गई पहली फिल्म
ऑस्कर अवॉर्ड जिसे अकादमी अवॉर्ड भी कहते हैं। इसे साल 1927 में शुरू किया गया। लेकिन पहला अवॉर्ड 1929 में हुआ। 97 सालों के इतिहास में भारत की तरफ से 50 से ज्यादा फिल्में ऑस्कर अवॉर्ड के लिए भेजी गईं लेकिन एक भी भारतीय फिल्म को ये अवॉर्ड नहीं मिल सका। भारत की संस्था फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (एफएफआई) की तरफ से ऑस्कर में पहली फिल्म 'मदर इंडिया' भेजी गई थी लेकिन इसे भी ये अवॉर्ड नहीं मिल सका था।
यह खबर भी पढ़ें: Oscar Controversies: स्टेज पर थप्पड़ मारने से लेकर लिप किस तक, ऑस्कर समारोह में हो चुके हैं ये बवाल
भारतीय फिल्म को नहीं मिला ऑस्कर अवॉर्ड
माना जाता है कि भारत की फिल्म 'गांधी' और 'स्लमडॉग मिलियनेयर' को ऑस्कर अवॉर्ड मिला। लेकिन यह भारतीय फिल्में नहीं थीं। ये फिल्में भारत में शूट हुईं थीं लेकिन इनके निर्देशक विदेशी थे। 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के डायरेक्टर डैनी बॉयल थे। गांधी फिल्म के निर्देशक रिचर्ड एटनबरो थे। भारत की तरफ से भेजी गईं फिल्में 'मदर इंडिया', 'सलाम बॉम्बे' और 'लगान' ही ऐसी फिल्में हैं, जो ऑस्कर के फाइनल नॉमिनेशन तक पहुंच पाईं लेकिन इन फिल्मों को भी ऑस्कर अवॉर्ड नहीं मिल सका।
यह खबर भी पढ़ें: Coolie: रजनीकांत की फिल्म 'कुली' करेगी 1000 करोड़ रुपये की कमाई, इस एक्टर ने किया दावा
इन भारतीय कलाकारों को मिला ऑस्कर अवॉर्ड
भारत की तरफ से 13 कलाकार ऐसे रहे हैं, जिन्हें अब तक ऑस्कर में नॉमिनेशन मिला। इनमें से 8 भारतीय कलाकार ऐसे हैं, जिन्हें ऑस्कर अवॉर्ड्स मिला है।
भारत से कैसे चुनी जाती हैं फिल्में?
भारत की संस्था फिल्म फेडेरेशन ऑफ इंडिया (एफएफआई) किसी भी फिल्म को ऑस्कर में भेजने के लिए सभी फिल्म एसोसिएशंस से एंट्री मंगवाती है। इसके बाद इन सभी फिल्मों को इस संस्था के सदस्य देखते हैं। फिर सितंबर में एफएफआई सितंबर में बताता है कि कौन सी फिल्म ऑस्कर में भेजी जाएगी। अपनी फिल्म को ऑस्कर में भेजने का दूसरा तरीका ये है कि कोई भी निर्देशक अपनी फिल्म अकेडमी को सीधे भेज सकता है। इसमें सरकार का कोई दखल नहीं होता है।