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Maya Govind: इस गीतकार की कलम से निकला था 'मैंने पायल है छनकाई', 800 से ज्यादा गाने लिखकर बनाई अनोखी पहचान

Fri, 17 Jan 2025 07:00 AM IST
दीक्षा पाठक एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

आज की इस खबर में हम आपको ऐसी ही शख्सियत से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी लिखे गानों से लोगों का मन मोह लिया। हम बात कर रहे हैं, माया गोविंद की।
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माया गोविंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिंदी सिनेमा में कुछ ऐसे गीतकार होते हैं, जो अपने लिखे गाने के दम पर वो पहचान बना लेते हैं, जिसे सदियों तक भुला पाना नामुमकिन होता है। इनके गाने लोगों के दिलों में इस कदम रम जाती है कि उनके जाने के बाद भी लोग उनके गानों को सुनकर उन्हें याद करते हैं। आज की इस खबर में हम आपको ऐसी ही शख्सियत से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी लिखे गानों से लोगों का मन मोह लिया। हम बात कर रहे हैं, माया गोविंद की। आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं गीतकार की जिंदगी से जुड़े दिलचस्प किस्से।
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फाल्गुनी पाठक के इस गाने को भी किया लेखबद्ध
1970 के दशक से पहले हिंदी फिल्मों में गीत लेखन मुख्य रूप से पुरुषों का पेशा था। लेकिन माया गोविंद ने न केवल इस सोच को दूर किया और अपने लिए जगह बनाई बल्कि एक ऐसा करियर भी बनाया जो करीब चार दशकों तक चला। जिस गाने 'मैंने पायल है छनकाई' से फाल्गुनी पाठक अपनी आवाज से लोगों को आज भी थिरकने पर मजबूर करती हैं, उसे भी माया गोविंद ने ही लिखा था।

टीवी शोज के लिए भी लिखे थे गाने
माया गोविंद एकमात्र ऐसी गीतकार थीं, जिन्होंने न केवल फिल्मों में बल्कि टीवी धारावाहिकों के लिए गाने लिखे। यही नहीं, उन्होंने कई सारी किताबें भी लिखी थीं। निर्माता निर्देशक आत्मा राम ने अपनी फिल्म ‘आरोप’ में माया गोविंद को पहला ब्रेक दिया था। हालांकि, उन्हें लोकप्रियता  ‘सावन को आने दो’ फिल्म के ‘कजरे की बाती’ से मिली थी। इसके बाद माया गोविंद ने "मेरा पिया घर आया,‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘तेरी मेरी प्रेम कहानी’ जैसे गानों को लोगों के मन में इस कदर बसा दिया कि आज भी यह लोगों की जुबां पर चढ़े रहते हैं।
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800 से ज्यादा गाने लिख चुकी हैं
माया गोविंद ने 800 से ज्यादा गाने लिखे हैं। यही नहीं, उन्होंने टीवी शो ‘किस्मत’ और ‘मायका’ के टाइटल ट्रैक भी लिखे थे। माया गोविंद ने पौराणिक धारावाहिक शो ‘विष्णु पुराण’, ‘किस्मत’, ‘द्रौपदी’, और ‘आप बीती जैसे सीरियल में अपने लेखन का टैलेंट दिखाया था। माया गोविंद का ब्रेन ब्लड क्लॉटिंग के कारण  7 अप्रैल 2022 में निधन हो गया था।

 
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