हाई कोर्ट ने की ये टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायाधीश अमित बोरकर की पीठ ने इस याचिका पर कहा कि इसमें ऑनलाइन टिकट बिक्री की निगरानी और उसकी नियमितता पर जोर दिया गया है। खासकर इसमें कालाबाजारी, टिकट स्कैल्पिंग और राजस्व नुकसान जैसे आरोपों को संबोधित किया गया है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि कोई भी विधायी या नीतिगत कदम संविधान और कानूनी ढांचे के तहत ही उठाया जा सकता है।
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तीन दिन होंगे शो आयोजित
कोर्ट ने यह भी कहा कि यह उचित है कि संबंधित विधायिका या कार्यपालिका प्रभावी कानूनों, नियमों और विनियमों को तैयार या संशोधित करें ताकि ऑनलाइन टिकट बिक्री से जुड़े मुद्दों का समाधान हो सके। अदालत ने इस याचिका को 10 जनवरी को खारिज कर दिया था। कोल्डप्ले के 'म्यूजिक ऑफ द स्फेयर्स वर्ल्ड टूर' के तहत बैंड के तीन शो 18, 19 और 21 जनवरी को नवी मुंबई के डी वाई पाटिल स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। अदालत ने अपनी विस्तृत निर्णय में कहा कि याचिका में ऑनलाइन टिकटिंग इंडस्ट्री की बढ़ती चुनौतियों को लेकर नियामक हस्तक्षेप की आवश्यकता को उजागर किया गया है, लेकिन इस संदर्भ में कानूनी ढांचा बनाने की जिम्मेदारी विधायिका की है।
याचिका पर अदालत ने कही महत्वपूर्ण बात
कोर्ट ने यह भी कहा कि वकील अमित व्यास की ओर से दायर याचिका में उठाए गए मुद्दे ऑनलाइन टिकट बिक्री में अनैतिक प्रथाओं के बारे में बताते हैं, जो एक मजबूत नियामक तंत्र की आवश्यकता की ओर इशारा करता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा कानूनों की कमी के कारण कालाबाजारी, टिकट स्कैल्पिंग और अन्य अवैध गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए वह विशिष्ट दिशा-निर्देश नहीं दे सकती। अदालत ने कहा कि निजी संस्थाओं द्वारा टिकटों का होर्डिंग और पुनर्विक्रय संविधान के तहत नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं करता।