माधुरी के वापस जाने का वक्त आ गया था
रजा मुराद ने आगे कहा, 'कुछ समय बाद, वह राजेश खन्ना के साथ कश्मीर में फिल्म कर रही थीं। पास में ही, सुभाष घई भी काम पर थे। उनका हेयरड्रेसर उनसे मिलने गया और उसने पूछा कि वह किस फिल्म पर काम कर रही हैं। उसने उन्हें माधुरी से मिलवाया। सुभाष माधुरी की शक्ल देखकर प्रभावित हो गए। उन्होंने उनसे मुंबई में मिलने के लिए कहा और उन्हें फिर से लॉन्च किया।' मुराद ने बताया कि अगर सुभाष उन्हें नहीं मिलते तो माधुरी के वापस जाने का वक्त आ गया था।
इस तरह कामयाब हुईं माधुरी
आपको बता दें माधुरी का सुपरस्टार बनने का सफर एकदम से नहीं हुआ। उन्होंने 1984 में 'अबोध' से अपने करियर की शुरुआत की। यह फिल्म फ्लॉप रही। इसके बाद उन्होंने आवारा बाप, स्वाति, मानव हत्या, हिफाजत, उत्तर दक्षिण, मोहरे और खतरों के खिलाड़ी जैसी फिल्मों में काम किया। ये फिल्में कुछ कमाल नहीं कर सकीं। उनकी फिल्म 'दयावान' कामयाब रही। हालांकि उन्हें तेजाब और राम लखन से शोहरत मिली। इसके बाद वह सुपरस्टार बन गईं। माधुरी को हाल ही में भूल भुलैया 3 में देखा गया था।