फिल्मकार मधुर भंडारकर और विवादों का नाता तो काफी पुराना है। 28 जुलाई को मधुर की फिल्म ‘इंदु सरकार’ का ट्रेलर लॉन्च हुआ था और तब से फिल्म को लेकर जबरदस्त विरोध किया जा रहा है। लेकिन अब इस फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड ने मुधर को एक लीगल नोटिस भेज दिया है जिससे कि वो तिलमिला गए हैं।
मधुर पर हमेशा से ही ये आरोप लगता आया है कि वो बीजेपी सरकार के घोर समर्थक हैं लेकिन उन्होंने हाल ही में एक बयान देते हुए कहा कि वो बीजेपी के समर्थक नहीं है अगर ऐसा होता तो उनकी फिल्म को बिना किसी रूकावट के सर्टिफिकेट मिल जाता।
इस नोटिस में मुधर को 17 कट्स लगाने को कहा गया है। अपनी फिल्म के गाने को लॉन्च करने दिल्ली पहुंचे मुधर ने इस बारे में मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘मुझे इस फिल्म में 17 कट्स लगाने को कहा गया है लेकिन एक बात तो पक्की है कि मैं इसमें कट नहीं लगाऊंगा। मैं नोटिस को अपने लीगल एक्सपर्ट टीम के साथ पढूंगा और जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाऊंगा।‘
‘इंदु सरकार’ फिल्म की कहानी 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई एमरजेंसी के समय पर आधारित है। इस फिल्म में नील नितिन मुकेश, कीर्ति कुलहरि, सुप्रिया विनोद, अनुपम खेर और तोता रॉय चौधरी जैसे कलाकार हैं।