कोर्ट ने कही ये बात
जस्टिस सरंग कोटवाल और जस्टिस एसएम मोदक की बेंच ने कुणाल की याचिका को स्वीकार करते हुए कहा, "याचिका की सुनवाई लंबित रहने तक याचिकाकर्ता (कुणाल) को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। जांच जारी रह सकती है।" कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अगर पुलिस को कुणाल का बयान दर्ज करना हो, तो यह चेन्नई में होगा, जहां वह रहते हैं। पुलिस को इसके लिए कुणाल को पहले सूचना देनी होगी। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि अगर इस दौरान पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल करती है तो संबंधित अदालत उस पर आगे की कार्रवाई नहीं करेगी। कुणाल ने पुलिस को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ के लिए उपलब्ध होने की सहमति भी दी थी। पिछले हफ्ते कोर्ट ने इस याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए कुणाल को अंतरिम संरक्षण दिया था।
कुणाल कामरा का पक्ष
कुणाल कामरा अपने व्यंग्यात्मक हास्य और बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। इस मामले में उन्होंने दावा किया कि उनकी टिप्पणी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में थी और इसे हास्य के रूप में लिया जाना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने जांच को रद्द करने की उनकी मांग को ठुकरा दिया, लेकिन गिरफ्तारी से संरक्षण देकर उन्हें तात्कालिक राहत जरूर दी।