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KK Death Anniversary: गीत गाते हुए अलविदा कह गए थे केके, आवाज सुन रोने लगे थे संजय लीला भंसाली

Fri, 31 May 2024 07:36 AM IST
सुवेश शुक्ला एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

31 मई 2022 को एक गायक अपने प्रशंसकों के सामने प्रस्तुति देते हुए अचानक अपनी आंखें मूंद लेता है। उसकी मधुर आवाज अचानक से कहीं गुम जाती है। दर्शकों का शोर थम जाता है। इस गायक ने अपने जीवन में ऐसे गीत गाए कि लोग कई दशकों तक भी उसे भुला नहीं पाएंगे। उनकी आवाज आज भी जब फोन, टीवी, रेडियो या कहीं भी जब कानों में पड़ती है, तो दिलों के तारों को छेड़ जाती है। आइए आज उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हैं और उनके सफर को जानते हैं।
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दिवंगत गायक केके - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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31 मई 2022 को कोलकाता के नजरूल मंच पर मशहूर गायक कृष्णकुमार कुन्नथ (केके) अपने गानों से श्रोताओं का मन मोह रहे थे। लोग उनके गानों पर झूम रहे थे, लेकिन किसी को नहीं पता था अगले पल क्या अनहोनी होने वाली है। गाना गाते-गाते कई बार केके को बेचैनी महसूस हुई, पर वो गाते रहे। अंत में अचानक वह स्टेज पर ही बेहोश हो गए। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनके मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना बताया गया। रंगीन शाम अचानक से मातम में बदल गई। उनके प्रशंसकों को विश्वास नहीं हो रहा था कि अपने गाने से लोगों के दिल को धड़काने वाले केके की आवाज अब खामोश हो चुकी है। केके जैसे गायक विरले ही जन्म लेते हैं। केके भले अब इस दुनिया में नहीं है, मगर उनकी आवाज आज भी टूटते दिलों की, दोस्ती की, प्यार की आवाज बनकर हवाओं में तैर रही है। सही मायने में वह अपने गीतों में आज भी जिंदा है। 
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केके - फोटो : इंस्टाग्राम @ kk_live_now
विज्ञापनों में गाने से की थी शुरुआत
केके का जन्म 23 अगस्त 1968 को दिल्ली के एक मलयाली परिवार में हुआ। बचपन में केके का सपना डॉक्टर बनने का था। दूसरी कक्षा में उन्होंने पहली बार गीत गाया था। अपनी बहुमुखी प्रतिभा के चलते जल्द ही उन्हें विज्ञापनों में गाने का मौका मिलने लगा। साल 1994 में वो मुंबई आ गए। मुंबई आकर उन्होंने विज्ञापनों के लिए गाना शुरू कर दिया। चार साल की अवधि में उन्होंने 11 भारतीय भाषाओं में 3,500 से अधिक विज्ञापनों में गीत गाया। 
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केके - फोटो : इंस्टाग्राम @ kk_live_now
1999 में रिलीज हुआ पहला एल्बम
साल 1999 में भारत में सोनी म्यूजिक लॉन्च हुआ, वह किसी नई आवाज के तलाश में था। सोनी ने केके की प्रतिभा देखते हुए उन्हें चुना। उन्होंने 'पल' नामक एक सोलो एल्बम निकाला, एल्बम बस निकला ही था कि यह हर युवा की जुबान पर आ गया। साल 2008 में उनका दूसरा एल्बम आठ साल बाद निकला। 

 

केके - फोटो : इंस्टाग्राम @kk_live_now
‘तड़प-तड़प के’ गाने से ली बॉलीवुड में एंट्री
केके ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत सलमान खान की फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' से की थी। इस गाने ने केके को मशहूर कर दिया। यह गाना उस दौर का सबसे ज्यादा सुना जाने वाला ब्रेकअप सॉन्ग बन गया। इस गाने के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला था।  

 

केके - फोटो : इंस्टाग्राम @ kk_live_now
केके को सुन रो पड़े थे संजय लीला भंसाली
केके की आवाज के जादू से संजय लीला भंसाली के आंखों से आंसू निकल आए थे। एक साक्षात्कार में खुद दिवंगत गायक केके ने बताया था कि एक दिन वो इस्माइल के रिकॉर्डिंग रूम से बाहर निकल रहे थे। तो उन्होंने भंसाली को रोते हुए देखा, भंसाली ने उनसे कुछ कहा नहीं बस पीठ थपथपाई। उन्होंने आगे कहा कि जब वह अंदर गए तो इस्माइल ने बताया कि भंसाली को उनका गाना बहुत पसंद आया और वह बहुत देर से रिपीट मोड पर उसे सुन रहे थे। 

 
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केके - फोटो : इंस्टाग्राम @ kk_live_now
इन गीतों ने केके को कर दिया अमर
53 साल की उम्र में केके ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन अपने गीतों के जरिए वो आज भी लोगों के दिलो में जिंदा हैं। उनके कुछ चुनिंदा गीत आज भी अपनी खास जगह बनाए हुए हैं, जिसमें,  'प्यार के पल', ‘यारों’, ‘लबों को’, ‘छोड़ आये हम वो गलियां’, ‘तड़प-तड़प के’, ‘सच कह रहा है दिवाना’, ‘बीते लम्हे’, ‘मेरा पहला-पहला प्यार’, ‘दिल इबादत’ और ‘तूही मेरी शब है सुबह है’ शामिल है।
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