समकालीन कलाकार सी. डगलस और मूर्तिकार एनएन रिमजोन को केरल सरकार के राजा रवि वर्मा पुरस्कार 2023 और 2024 के लिए चुना गया है। राज्य सरकार ने मंगलवार को यह घोषणा की। सी डगलस को वर्ष 2023 के प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। वहीं, मूर्तिकार एनएन रिमजोन को वर्ष 2024 के पुरस्कार के लिए चुना गया है।
सम्मान में क्या-क्या मिलता है?
राजा रवि वर्मा अवॉर्ड, केरल का विजुअल आर्ट्स में सबसे बड़ा सम्मान है। यह इस क्षेत्र में शानदार योगदान के लिए दिया जाता है। हर पुरस्कार में तीन लाख रुपये की इनाम राशि, एक साइटेशन और आर्टिस्ट कनयी कुन्हीरामन की डिजाइन की हुई एक मूर्ति दी जाती है।
जूरी ने क्या कहा?
संस्कृति, सिनेमा और पर्यटन मंत्री पीसी विष्णुनाथ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अवॉर्ड जीतने वालों के नाम का एलान किया। इसमें केरलम ललितकला अकादमी के चेयरमैन प्रोफेसर एस प्रकाश मूर्ति और सेक्रेटरी वैकोम एमके शिबू भी शामिल हुए। सी डगलस, जिनका जन्म 1951 में थालास्सेरी में हुआ था, मद्रास आर्ट मूवमेंट से जुड़े एक जाने-माने भारतीय आर्टिस्ट हैं।
जूरी ने उन्हें 2023 के अवॉर्ड के लिए चुना, जिसमें उनके यूनिवर्सल ह्यूमनिस्ट नजरिए और आर्टिस्टिक स्टाइल को हाईलाइट किया गया, जो क्षेत्रीय पसंद से परे है। जूरी ने कहा कि उनका काम समकालीन भारतीय पेंटिंग में एक लंबी और प्रयोगात्मक यात्रा को दिखाता है।
एनएन रिमजोन के काम का भी किया जिक्र
मूर्तिकार एनएन रिमजोन को मूर्तिकला और समकालीन कला में उनके योगदान के लिए 2024 के अवॉर्ड के लिए चुना गया है। जूरी ने उनके अलग-अलग तरह के काम को हाईलाइट किया, जो 1980 के दशक से भारत और विदेश में बड़ी प्रदर्शनियों में दिखाए गए हैं।