अभिनेता प्रेम कुमार, केरल के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री साजी चेरियन
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केरल के चलचित्र अकादमी में इन दिनों हलचल है। खबरें थीं कि अभिनेता प्रेम कुमार को राज्य चलचित्र अकादमी के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। हालांकि केरल के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री साजी चेरियन ने सोमवार को इन खबरों का खंडन किया।
प्रेम कुमार पर था यह इल्जाम
प्रेम कुमार पर इल्जाम था कि राज्य में चल रहे आशा वर्करों के विरोध प्रदर्शन का उन्होंने समर्थन किया और इस पर बयानबाजी की। यह बात सीपीआई (एम) नेतृत्व को अच्छी नहीं लगी, जिसकी वजह से उन्हें राज्य चलचित्र अकादमी के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया।
चेरियन ने दावों का खंडन किया
मंत्री चेरियन ने इस दावे का पुरजोर खंडन करते हुए कहा कि अकादमी के उपाध्यक्ष और फिर अध्यक्ष के रूप में प्रेम कुमार की सेवा बेहतर रही थी। मंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने उन्हें कभी भी 'वामपंथ विरोधी' राय देते हुए नहीं सुना।
रेसुल पुकुट्टी
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प्रेम कुमार का कार्यकाल समाप्त
चेरियन ने मीडिया को बताया 'उनका कार्यकाल समाप्त हो गया है। ऐसे में नए लोगों का चयन करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए, नए लोगों को चुना गया है और इस बारे में एक आदेश जारी किया गया है। इसमें कुछ भी हैरान करने वाला नहीं है।'
एलडीएफ सरकार ने पिछले हफ्ते ऑस्कर विजेता साउंड डिजाइनर रेसुल पुकुट्टी को अकादमी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था। अभिनेत्री कुकू परमेश्वरन को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
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प्रेम कुमार को कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया
चेरियन का यह बयान ऐसे वक्त आया जब सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने प्रेम कुमार को अकादमी से हटाने के लिए सरकार की आलोचना की और इस कदम को 'राजनीति से प्रेरित' बताया है।
प्रेम कुमार ने बताया कि उन्हें उस कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया, जिसमें पुकुट्टी ने राज्य फिल्म अकादमी के नए अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला।