शेन निगम स्टारर फिल्म 'हाल' के सेंसर सर्टिफिकेट में देरी का मामला अब कोर्ट में पहुंच चुका है। फिल्म के निर्देशक और निर्माता ने सेंसर बोर्ड द्वारा प्रमाणन में देरी के मुद्दे पर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अब केरल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी जी अरुण ने फिल्म देख ली है। निर्देशक मुहम्मद रफीक ने बताया कि स्क्रीनिंग पदमुगल स्थित कलर प्लैनेट स्टूडियो में आयोजित की गई थी।
इन लोगों ने देखी फिल्म
निर्देशत ने बताया कि न्यायमूर्ति अरुण के अलावा केंद्र सरकार के स्थायी वकील, केरल कैथोलिक कांग्रेस के वकील और दो पादरी भी स्क्रीनिंग में शामिल हुए। यह स्क्रीनिंग शाम लगभग 7 बजे शुरू हुई और रात 9.30 बजे से पहले समाप्त हो गई।
यह है पूरा मामला
निर्देशक और निर्माता ने सीबीएफसी द्वारा सेंसर प्रमाणपत्र जारी करने में अत्यधिक देरी का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। फिल्म को अभी तक सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए सर्टिफिकेट नहीं मिला है, क्योंकि सीबीएफसी ने कथित तौर पर कई सीन को हटाने का आदेश दिया है। इनमें बीफ बिरयानी खाने वाले सीन और 'ध्वज प्रणाम' वाले संवाद शामिल हैं।
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दोनों पक्षों ने किए ये दावे
निर्माता जुबी थॉमस और निर्देशक मुहम्मद रफीक ने दावा किया है कि लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत वाली इस फिल्म को शुरू में ओणम पर रिलीज करने की योजना थी, लेकिन बिना किसी स्पष्टीकरण के इसकी रिलीज रोक दी गई। सीरो-मालाबार चर्च के अंतर्गत आने वाले आम लोगों के संगठन, केरल कैथोलिक कांग्रेस ने बाद में अदालत का दरवाजा खटखटाया और आरोप लगाया कि फिल्म में आपत्तिजनक सामग्री है, जो धार्मिक वैमनस्यता पैदा कर सकती है। इसके बाद, अदालत ने निर्माता को एक विशेष स्क्रीनिंग आयोजित करने का निर्देश दिया था।