इस फिल्म से बॉलीवुड में बनी पहचान
कविता कृष्णमूर्ति को बचपन से ही संगीत में दिलचस्पी रही। वे लता मंगेशकर और मन्ना डे के गाने खूब चाव से सुनती थीं। संयोग ये रहा कि नौ साल की उम्र में उन्हें लता मंगेशकर के साथ गाने का मौका भी मिल गया और बांग्ला गाना गाया। साल 1980 में कविता कृष्णमूर्ति ने अपना गाना काहे को ब्याही (मांग भरो सजना) गाया। 1985 में रिलीज हुई फिल्म प्यार झुकता नहीं से कविता को बतौर सिंगर बॉलीवुड में पहचान मिली। फिल्म कर्मा का सॉन्ग 'ए वतन तेरे लिए' को भी कविता ने अपनी आवाज दी है। आजादी और गणतंत्र दिवस के मौके पर इस गाने को खूब सुना जाता है।
आरडी बर्मन के इस गाने ने लोकप्रियता में किया इजाफा
कविता कृष्णमूर्ति ने साल 1987 में आई सुपरहिट फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ का गाना ‘करते हैं हम प्यार मिस्टर इंडिया से’ और ‘हवा- हवाई’ गाया था। ये उनके करियर का सुपरहिट गाना रहा। इसके बाद कविता ने फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ का गाना ‘प्यार हुआ चुपके से’ गाया और इसने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ा दिया। इसे आरडी बर्मन ने कंपोज किया था। कविता ने किशोर कुमार, ए आर रहमान, बप्पी लहरी, कुमार सानू, उदित नारायण समेत कई दिग्गजों के साथ काम किया है।
कविता कृष्णमूर्ति परिवार के साथ
- फोटो : सोशल मीडिया
एल सुब्रमण्यम से रचाई शादी
अपनी गायिकी के लिए कविता कृष्णमूर्ति को कई बड़े-बड़े सम्मान मिल चुके हैं। साल 2005 में कविता कृष्णमूर्ति को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने फिल्मी गानों से लेकर गजल, पॉप, क्लासिकल और कई विधा के गाने गाए हैं। कविता कृष्णमूर्ति की निजी जिंदगी की बात करें तो उन्होंने वायलिनिस्ट एल सुब्रमण्यम से 1999 में शादी की। सुब्रमण्यम पहले से शादीशुदा थे, हालांकि उनकी पत्नी का निधन हो गया था। सुब्रमण्यम की पहली शादी से 4 बच्चे हैं। वहीं कविता के कोई बच्चे नहीं है। कविता कृष्णमूर्ति फिलहाल फिल्मों में कम गाने गाती हैं, मगर उनके शो पूरी दुनिया में होते हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर बेंगलुरु में सुब्रमण्यम एकेडमी ऑफ परफोर्मिंग आर्ट्स नामक म्यूजिक संस्थान की शुरुआत की।