मसाबा के डांस ने लगाया ग्लैमर का तड़का
'खुमारी' में गजल सरीखा सार है। इसे रेट्रो जैज के रूप में पेश किया गया है। कविता सेठ की सुरीली आवाज ने इसे खूबसूरत बना दिया है, जो इमोशंस से भरपूर है। वहीं, कनिष्क के म्यूजिक ने गाने को और शानदार बनाया है। मसाबा के डांस ने इस गाने में ग्लैमर का तड़का लगाया है।
जैज स्टाइल में बनाने का किया प्रयोग
'खुमारी' सॉन्ग को लेकर कविता ने कहा, 'यह गाना मेरे दिल के बहुत करीब है। 'खुमारी' के लिरिक्स इरशाद कामिल के हैं। कविता सेठ का कहना है,' यह मेरा पहला लिप-सिंक गीत भी है। आमतौर पर मेरी आवाज बैकग्राउंड में होती है, इसलिए इसे जीवंत होते देखना वाकई खास था। मुझे गर्व है कि 'खुमारी' सॉन्ग 'केसरी चैप्टर 2' का हिस्सा है। मैं यह देखने के लिए उत्साहित हूं कि इस गाने की यात्रा कहां तक जाती है। वहीं, कनिष्क सेठ ने कहा, 'जिस पल मैंने यह सुना, मुझे लगा कि इस ट्रैक को नए जमाने के रेट्रो जैज स्टाइल में बनाया जाना चाहिए। और यह प्रयोग काम आया'। यह गाना स्पॉटिफाई पर सुना जा सकता है।