फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karan Johar: करण जोहर ने सिंगल लोगों को दी वैलेंटाइन डे की बधाई, इस वजह से दी जश्न मनाने की सलाह

Fri, 14 Feb 2025 01:20 PM IST
सिराजुद्दीन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Valentine Day: वैलेंटाइन डे के मौके पर करण जौहर ने सिंगल लोगों के लिए एक बेहतरीन बात लिखी है। अपनी इंस्टा स्टोरी में उन्होंने बताया है कि क्यों सिंगल लोग विजेता हैं।
विज्ञापन
खरण जौहर - फोटो : इंस्टाग्राम@karanjohar
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आज वैलेंटाइन डे है। सभी लोग अपने पार्टनर के साथ वैलेंटाइन डे मना रहे हैं। ऐसे में बॉलीवुड के फिल्म निर्माता करण जौहर ने सोशल मीडिया पर उन लोगों के लिए एक मजाकिया बात लिखी है, जो सिंगल हैं। करण ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक नोट लिखा है। इसमें उन्होंने बताया है कि क्यों सभी सिंगल लोग एक विजेता हैं।

विज्ञापन


वैलेंटाइन डे पर करण जौहर ने क्या लिखा?
करण जौहर ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, 'प्रिय अकेले लोगों, आज ऐसा दिन है कि आप अपने आपको विजेता महसूस करें... आपके पास कोई बैग नहीं है, कोई ड्रामा नाटक नहीं है और बहुत सारे विकल्प हैं कि क्या नहीं मनाना है। हैप्पी वैलेंटाइन डे।'

'माइ नेम इस खान' पर क्या बोले करण
इससे पहले इस हफ्ते में करण जौहर ने अपनी फिल्म 'माइ नेम इज खान' के बारे में भी पोस्ट साझा किया था। इस फिल्म की रिलीज के 15 साल पूरे हो चुके हैं। फिल्म का वीडियो शेयर करते हुए करण जौहर ने लिखा था, 'इस फिल्म को रिलीज हुए 15 साल हो गए हैं, फिर भी इस फिल्म की भावनाएं पहले की तरह ही मजबूत हैं।'

यह खबर भी पढ़ें: Valentine Day Special: हिंदी सिनेमा की 10 हिट रूमानी जोड़ियां, जो बड़े पर्दे पर आईं नजर, जीत लिए फैंस के दिल

शाहरुख खान की फिल्म की तारीफ

विज्ञापन

आपको बता दें कि 'माई नेम इस खान' शाहरुख खान की फिल्म है। इसमें रिजवान नाम के एक व्यक्ति की कहानी दिखाई गई है। रिजवान आस्पेर्गर सिंड्रोम से पीड़ित होता है। अपनी मां के देहान्त के बाद वह सैन फ्रांसिस्को में बस जाता है। वह मंदिरा राठौर (काजोल) से शादी करता है। मंदिरा हिंदू होती है। उसका पहली शादी से एक बेटा समीर होता है।

यह खबर भी पढ़ें: Romantic Korean Web Series: चढ़ जाएगा प्यार का खुमार, वैलेंटाइन डे पर देखिए ये कोरियन वेब सीरीज

नाम से आतंकवादी न कहा जाए
फिल्म अमेरिका में 9/11 हमले के बाद मंदिरा इस्लामोफोबिया का अनुभव करती है। हालात तब बिगड़ जाते हैं, जब धार्मिक झगड़ों में समीर की जान चली जाती है। रिजवान ये साबित करने की कोशिश करता है कि उसके नाम और यकीन की वजह से उसे आतंकवादी नहीं कहा जाना चाहिए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें