मीडिया ने सिर्फ एक साइड दिखाया
कंगना ने मीडिया पर भी निशाना साधा और कहा कि मीडिया ने सिर्फ उनके बयान के विवाद को दिखाया, लेकिन उन्होंने युवाओं और छात्रों की तारीफ भी की थी, उस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारतीय स्टार्टअप्स की सराहना की और NEET के छात्रों को बधाई भी दी।
वीडियो में कंगना ने उन लोगों को भी जवाब दिया, जो कहते हैं कि सिर्फ महिलाओं पर ही मर्यादा और अनुशासन का बोझ क्यों डाला जाता है। कंगना ने कहा कि अनुशासन और सामाजिक सीमाओं का पालन करना हर किसी के लिए जरूरी है।
इन लोगों पर साधा निशाना
अंत में कंगना ने कहा, 'व्यक्तिगत आजादी का मतलब यह नहीं है कि हम दूसरों की भावनाओं या अधिकारों को ठेस पहुंचाएं। सार्वजनिक व्यवहार को संविधान और समाज की सीमाओं के अंदर रहना चाहिए।'
कंगना ने कुछ लोगों को ‘फेमिनाजी’ कहकर भी निशाना बनाया और आरोप लगाया कि वे युवाओं को गलत दिशा में ले जा रहे हैं। उन्होंने गुरु पूर्णिमा का जिक्र करते हुए लोगों से अपने गुरुओं की बात मानने और खुद को बेहतर बनाने की सलाह दी।
जारी है सीजेपी पर विवाद
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कंगना और CJP के प्रवक्ता सौरव दास के बीच सोशल मीडिया पर लगातार बहस चल रही है। सौरव दास ने पहले कंगना की आलोचना की थी, जिस पर जवाब देते हुए कंगना ने उन्हें बेकार और बेरोजगार तक कह दिया था।
NEET-UG 2026 परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर हुए देशभर के प्रदर्शन अब खत्म हो चुके हैं, लेकिन कंगना और CJP के बीच यह विवाद अभी भी सोशल मीडिया पर जारी है।
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