सार
Javed Akhtar: अफगानिस्तान के तालिबानी विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी शनिवार को इस्लामिक मदरसा दारुल उलूम, देवबंद पहुंचे थे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया था। इस बात पर लेखक-गीतकार जावेद अख्तर ने नाराजगी व्यक्त की है।
लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने अफगानिस्तान के तालिबान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी को उनकी भारत यात्रा के दौरान दिए गए सम्मान और स्वागत की आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने ट्वीट करते हुए इसकी निंदा की है, क्योंकि तालिबान हमेशा आतंकवाद और शिक्षा को प्रबंधित करने की बात को बढ़ावा देता है।
जावेद अख्तर हुए निराश
जावेद अख्तर ने अपने एक्स अकाउंट पर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा, ‘जब मैं देखता हूं कि दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी समूह तालिबान के प्रतिनिधि का सम्मान और स्वागत किया गया। वो भी उन लोगों द्वारा, जो हर तरह के आतंकवादियों के खिलाफ बोलते हैं, तो मेरा सिर शर्म से झुक जाता है। देवबंद को भी शर्म आनी चाहिए कि उसने अपने इस्लामी नायक का इतना सम्मानपूर्वक स्वागत किया, जो उन लोगों में से एक है जिन्होंने लड़कियों की शिक्षा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। मेरे भारतीय भाइयों और बहनों, हमारे साथ क्या हो रहा है।’
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क्या है दारुल उरुल देवबंद?
आपको बताते चलें कि दारुल उरुल देवबंद, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित एक इस्लामी मदरसा है। इसकी खासियत ये है कि यहां देश और दुनिया से लोग पढ़ने आते हैं और कई विद्वान यहां से पढ़कर निकले हैं। इसीलिए जावेद अख्तर ने तालिबान नेता का भव्य स्वागत करने के लिए सहारनपुर स्थित दारुल उलूम देवबंद की भी आलोचना की।