जां निसार अख्तर
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जां निसार अख्तर की शादी
जावेद अख्तर की शादी साल 1943 में सफिया सिराज उल हक से हुई। वह एक शिक्षक और लेखक थीं।आजादी के बाद ग्वालियर में हुए दंगों की वजह से उन्हें भोपाल जाना पड़ा। भोपाल में वे उर्दू और फारसी विभाग के प्रमुख के रुप में काम करने लगे। बाद में इसी कॉलेज में उनकी बीवी भी पढ़ाने लगीं। इनसे इनके दो बच्चे जावेद अख्तर और सलमान अख्तर हुए।
किस्मत आजमाने मुंबई गए
जां निसार अख्तर साल 1949 में मुंबई गए। यहां वह फिल्मों में गाने लिखने के लिए अपनी आए। यहां उनकी मुलाकात 'कृष्ण चंद्र', 'राजिंदर सिंह बेदी' और 'इस्मत चुग्ताई' जैसे लेखकों से उनकी मुलाकात हुई। साल 1953 में जां निसार अख्तर की बीवी की मौत हो गई। उन्होंने 1956 में 'खदीजा तलत' से दोबारा शादी की।
गानों के साथ लिखी फिल्म
जावेद अख्तर ने फिल्मों में लेखन का करियर 1955 में शुरू किया। उन्होंने बॉलीवुड के लिए 151 गाने लिखे। उनके यादगार गानों में ''गरीब जान के हमको ना तुम दगा देना' और 'तुम महकती जवान चांदनी' शामिल हैं। जां निसार अख्तर ने प्रदीप कुमार और मीना कुमारी की फिल्म 'बहू बेगम' लिखी और इसका निर्देशन किया।
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जवाहर लाल नेहरू ने जां निसार अख्तर से की गुजारिश
भारत के पूर्व प्रधामंत्री जवाहर लाल नेहरू ने जां निसार अख्तर की काबिलियत को देख कर उनसे गुजारिश की कि वह पिछले 300 सालों के शेर को जमा करें। इसके बाद इन शेरों के संग्रह को जवाहर लाल नेहरू ने 'हिंदुस्तान हमारा' नाम का संस्करण इंदिरा गांधी ने जारी किया। इसमें सभी विषयों पर गजलें लिगी हैं।
जां निसार अख्तर का परिवार
जां निसार अख्तर के घर के ज्यादातर लोग फिल्मी दुनिया से जुड़े हैं। उनके बेटे जावेद अख्तर बेहतरीन स्क्रीनराइट, गीतकार और कवि हैं। बहू शबाना आजमी बॉलीवुड की बेहतरीन अदाकारा हैं। पोते फरहान अख्तर एक्टर, फिल्म निर्माता और गायक हैं और पोती जोया अख्तर भी फिल्म निर्माता में सक्रिय हैं।
जावेद अख्तर
- फोटो : इंस्टाग्राम
जावेद अख्तर
जां निसार अख्तर के बेटे जावेद अख्तर गीतकार, पटकथा लेखक और उर्दू के शायर हैं। जावेद अख्तर ने पटकथा लेखक सलीम जावेद के साथ मिलकर कई फिल्मों की पटकथा लिखी है। इन दोनों ने 'शोले' और 'दीवार' जैसी फिल्में लिखी हैं। जावेद अख्तर की कई गजलों को मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह ने गाया है। इनकी गजलों जैसे 'तुमको देखा तो ये ख्याल आया', 'तमन्ना फिर मचल जाए' और 'दर्द के फूल भी' को जगजीत सिंह ने आवाज दी है। जावेद अख्तर ने 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' और 'वीर जारा' जैसी फिल्मों के लिए बेहतरीन गाने लिखे हैं।
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शबाना आजमी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
शबाना आजमी
शबाना आजमी जां निसार अख्तर की बहू हैं। वह उनके बेटे जावेद अख्तर की बीवी हैं। शबाना आजमी भी बॉलीवुड से जुड़ी हैं। उन्होंने बॉलीवुड में 160 फिल्में की हैं। शबाना ने 'फासला', 'अमर अकबर एंथनी' और 'लहू के दो रंग' जैसी फिल्मों में काम किया है। उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए कई फिल्म फेयर अवार्ड मिल चुके हैं। भारत सरकार ने आजमी को साल 1998 में पद्म श्री अवार्ड से नावाजा। साल 2012 में उन्हें पद्म भूषण अवार्ड दिया गया।
फरहान अख्तर
- फोटो : इंस्टाग्राम@Farhan Akhtar
फरहान अख्तर
फरहान अख्तर जां निसार अख्तर के पोते और जावेद अख्तर के बेटे हैं। वह अभिनेता, गायकार और फिल्म निर्माता हैं। उन्होंने 'दिल चाहता है', 'लक्ष्य' और 'पॉजिटिव' जैसे फिल्मों का निर्देशन किया है। फरहान ने 'रॉक ऑन' फिल्म के 'सेनेरीटा', 'तुम हो तो' इसके अलावा 'वजीर' फिल्म के 'अतरंगी यारी' गाना गाया है। फरहान अख्तर को दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड और आठ फिल्म फेयर अवार्ड मिल चुके हैं।
जोया अख्तर
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जोया अख्तर
जां निसार अख्तर की पोती जोया अख्तर भी बॉलीवुड से जुड़ी हैं। जोया ने कई बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन किया है। उन्होंने सबसे पहले 'लक बाय चांस' का निर्देशन किया है। जोया ने 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' का भी निर्देशन किया है। इस फिल्म को काफी सराहा गया है। जोया अख्तर को सर्वश्रेठ निर्देशक के लिए फिल्मफेयर अवार्ड मिल चुका है।