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Irshad Kamil Birthday: 'रॉकस्टार' के गानों से मिली पहचान, 'सैयारा' में मचाई धूम; पढ़ें इरशाद कामिल के किस्से

Fri, 05 Sep 2025 09:11 AM IST
सिराजुद्दीन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Irshad Kamil Birthday Special: अपने गानों के जरिए लोगों के दिलों तक पहुंचने वाले गीतकार इरशाद कामिल का आज जन्मदिन है। इस मौके पर आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ खास बातें। 
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इरशाद कामिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इरशाद कामिल हिंदी और उर्दू के बेहतरीन कवि और गीतकार हैं। बॉलीवुड में वह इन दिनों सबसे अच्छे गाने लिखने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 'रांझणा', 'हाईवे', 'तमाशा', 'जब हैरी मेट सेजल' और 'आशिकी 2' जैसी कई बेहतरीन फिल्मों के गाने लिखे। बॉलीवुड को बेहतरीन गाने देने के लिए उन्हें कई अवॉर्ड्स मिल चुके हैं। आज उनके जन्मदिन पर आइए जानते हैं उनसे जुड़े कुछ किस्से।
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इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ साहित्य की तरफ मुड़े
इरशाद कामिल का ताल्लुक पंजाब के मलेरकोटला से है। वह 5 सितंबर 1971 को पैदा हुए। वह पहले इंजीनियर बनना चाहते थे। हालांकि उन्होंने इसकी पढ़ाई छोड़ दी। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने हिंदी में परास्नातक और पीएचडी की उपाधि हासिल की।

इरशाद कामिल - फोटो : अमर उजाला
मुश्किल था पंजाब से मुंबई तक का रास्ता
शुरुआत में इरशाद कामिल ने कई अखबारों में काम किया। इसके बाद कवि बनने की चाहत लिए वह मुंबई चले गए। यहां उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने आर्थिक तंगी झेली। वह बताते हैं कि संघर्ष के दिनों में वह ईद पर अपनी मां से नहीं मिल सके। इसके लिए उन्होंने मां से झूठ बोला। फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी। हालांकि अपनी मेहनत और जुनून से उन्होंने अपने आपको साबित किया और एक बेहतरीन गीतकार बन कर उभरे।

'चमेली' से रखा बॉलीवुड में कदम
इरशाद कामिल ने सबसे पहले फिल्म 'चमेली (2004)' के लिए गाने लिखे। यह फिल्म उनके लिए एक अहम मोड़ साबित हुई। इससे उन्हें बॉलीवुड में काम मिलने लगा। इसके बाद उन्होंने 'जब वी मेट', 'लव आज कल' और 'राजनीति' जैसी बेहतरीन फिल्मों के लिए गाने लिखे। साल 2010 तक इरशाद कामिल बॉलीवुड में अपनी पहचान बना चुके थे।

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इरशाद कामिल - फोटो : अमर उजाला
'रॉक्स्टार' से मिली पहचान
इरशाद कामिल ने पंकज कपूर, अली अब्बास जफर, सुधीर मिश्रा जैसे कई निर्देशकों के साथ काम किया। हालांकि उन्हें सबसे ज्यादा पहचान इम्तियाज अली के साथ काम करने पर मिली। उन्हे सबसे ज्यादा शोहरत फिल्म 'रॉकस्टार' में गाने लिखने के बाद मिली। इस फिल्म के गानों को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया।

शाहरुख खान की फिल्मों के लिए लिखे गाने
इरशाद कामिल साल 2004 से लेकर अब तक काफी एक्टिव हैं। उन्होंने कई बड़े स्टार्स की फिल्मों के लिए गाने लिखे हैं। उन्होंने शाहरुख खान की फिल्म 'जवान', 'जीरो' और 'हैप्पी न्यू ईयर' के लिए गाने लिखे। इसके अलावा उन्होंने सलमान खान, अजय देवगन और अमिताभ बच्चन जैसे बड़े कलाकारों की फिल्मों के लिए गाने लिखे। हाल ही में इरशाद कामिल ने फिल्म 'सैयारा' के तीन गाने लिखे हैं। इन गानों को खूब पसंद किया गया है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की है।

जावेद अख्तर, सलीम खान, इरशाद कामिल - फोटो : एक्स
हर जेनेरेशन को ध्यान मे रखकर लिखते हैं गाने
जानकार कहते हैं कि इरशाद कामिल की कलम में जादू है। अपनी लेखनी के चलते ही वह बॉलीवुड में बहुत ऊंचे मकाम पर पहुंचे हैं। खास बात यह है कि उनके गाने आसान भाषा में और मीनिंगफुल होते हैं। उनके गानों को आज की जनरेशन के साथ हर पीढ़ी के लोगों को पसंद आते हैं। इरशाद कामिल का कहना है कि वह हर जनरेशन को ध्यान में रखकर गाने लिखते हैं। उनके गाने रोमांस के साथ देशभक्ति और फिलॉसफी वाले होते हैं।

छावा की स्क्रिप्ट लिखने के लिए नहीं लिए पैसे 
हाल ही में विक्की कौशल की फिल्म 'छावा' रिलीज हुई। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर खूब धूम मचाई। इरशाद कामिल ने इस फिल्म के काव्यात्मक डायलॉग लिखे। इसके लिए उन्होंने कोई फीस नहीं ली। इस बारे में उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा 'संभाजी महाराज को लेकर मेरे अंदर जो सम्मान है, मैंने उन्हें लिखने के लिए एक पैसा भी चार्ज नहीं किया। हम कम से कम इतना तो कर ही सकते हैं।'
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लिख चुके हैं किताब
इरशाद कामिल ने फिल्मों में गाने और डायलॉग लिखने के अलावा एक किताब भी लिखी है। किताब का नाम है 'काली औरत का ख्वाब'। इस किताब में इरशाद के गीत और फिल्मी दुनिया के किस्से हैं। किताब में उन्होंने एक जगह लिखा है 'शब्द' मेरे जीवन की पहली और शायद आखिरी फिल्म है, जिसमें मांगने पर भी निर्माता ने मुझे एक पैसा नहीं दिया था। यह वही लोग थे जिन्होंने 'चमेली' बनाई थी।'

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