दर्शकों को इम्तियाज की यह फिल्म काफी पसंद भी आ रही है। पिछले दिनों अपनी फिल्म के बारे में बात करते हुए निर्देशक कहते हैं, 'मैंने जब 'चमकीला' को बनाने का फैसला किया था तब मैंने ये सोच लिया था कि मैं उनके संघर्ष को पूरी सच्चाई के साथ दिखाऊंगा।
इम्तियाज अली इन दिनों अपनी फिल्म 'अमर सिंह चमकीला' की वजह से सुर्खियों में बने हुए हैं। इस फिल्म में उन्होंने पंजाबी गायक 'चमकीला' की जिंदगी के उन पहलुओं को दिखाया है जिनपर आज से पहले कभी बातें नहीं हुईं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान वे खुलकर चमकीला की जाति से लेकर उसके व्यवहार के बारे में बातें करते दिखाई दिए।
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'चमकीला' ने कभी किसी को ना नहीं कहा...
इम्तियाज अली ने दिवंगत पंजाबी गायक 'अमर सिंह चमकीला' के जीवन पर एक खूबसूरत बनाई है। दर्शकों को इम्तियाज की यह फिल्म काफी पसंद भी आ रही है। पिछले दिनों अपनी फिल्म के बारे में बात करते हुए निर्देशक कहते हैं, 'मैंने जब 'चमकीला' को बनाने का फैसला किया था तब मैंने ये सोच लिया था कि मैं उनके संघर्ष को पूरी सच्चाई के साथ दिखाऊंगा। मैंने तय किया था कि 'चमकीला' कैसे अर्श से फर्श पर पहुंचा उसे पूरी ईमानदारी से पर्दे पर उतारूंगा'।
'विदा करो' गाना 'चमकीला' के संघर्षो की कहानी है
इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म 'चमकीला' में दिलजीत दोसांझ और परिणीति चोपड़ा अहम भूमिकाओं में दिखाई दिए हैं। दिलजीत 'अमर सिंह चमकीला' के किरदार में अलग जान डाल दिए हैं। इम्तियाज अली 'चमकीला' के बारे में बात करते हुए बताते हैं, 'देखिए 'चमकीला' एक पिछड़ी जाति से आते थे और यह बात उनके दिमाग में काफी हद तक बैठ गई थी। उन्होंने कभी भी खुद को स्टार समझा ही नहीं'।
'चमकीला' ने ना बोलना सीखा ही नहीं
इम्तियाज अली अपनी बात जारी रखते हुए कहते हैं, 'अगर 'चमकीला' ना बोलना सीख लेते तो शायद उनकी जान बच जाती'। अपनी फिल्म में इम्तियाज ने चमकीला की जाति का कई बार जिक्र किया है। इस पर निर्देशक कहते हैं, 'कभी-कभी हमें फिल्म निर्माताओं को इस देश में वास्तविक मुद्दों के बारे में बात करने की अनुमति देनी चाहिए। मुझे काफी खुशी है कि दर्शकों ने मेरी फिल्म में देखा कि इसमें उस वंचित पृष्ठभूमि का जिक्र है जहां से 'चमकीला' आता है और उन्होंने इसे सराहा भी है'।