गांव के लोगों ने नहीं देखी फिल्म
इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय समारोहों में खूब तारीफ मिली है, लेकिन देवरी के निवासियों का कहना है कि उन्होंने अभी तक फिल्म नहीं देखी है।
गांव से सबसे नजदीकी सिनेमा हॉल लगभग 25 किलोमीटर दूर है। जहां तक जाने का खर्च बहुत कम ग्रामीण उठा सकते हैं। उन्हें यह भी पता नहीं है कि यह फिल्म थिएटर में चल रही है या नहीं।
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सय्यूब के पिता की मांग
सय्यूब के पिता मोहम्मद यूनुस ने कहा 'यह कहानी हमारे बेटे के जीवन पर आधारित है। फिल्म निर्माताओं को यहां इसकी स्क्रीनिंग का प्रबंध करना चाहिए। इस सफलता का हिस्सा हमारे परिवार को भी मिलना चाहिए।